US Inflation: महंगाई ने बढ़ाई फेड की टेंशन! 3.7% पर अटकी रफ्तार, अब रेट हाइक का खतरा

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
US Inflation: महंगाई ने बढ़ाई फेड की टेंशन! 3.7% पर अटकी रफ्तार, अब रेट हाइक का खतरा

जुलाई में US महंगाई दर **3.7%** पर स्थिर बनी हुई है, जो फेडरल रिजर्व के **2%** के लक्ष्य से काफी दूर है। वहीं, तीसरी तिमाही के लिए ग्रोथ अनुमान **3%** तक पहुँच गए हैं। इस स्थिति ने फेड की इंटरेस्ट रेट रणनीति को उलझा दिया है।

महंगाई का 'जिद्दी' रुख

जुलाई 2026 के लिए जारी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं लाए हैं। महंगाई दर 3.7% पर स्थिर है, जबकि फूड और एनर्जी को हटाकर देखा जाए तो कोर इन्फ्लेशन भी 3.3% पर बनी हुई है। इसका साफ मतलब है कि अर्थव्यवस्था में महंगाई की जड़ें अभी भी काफी गहरी हैं।

इकोनॉमी में मजबूती, फेड के सामने संकट

एक तरफ महंगाई का दबाव है, तो दूसरी तरफ इकोनॉमिक ग्रोथ ने रफ्तार पकड़ ली है। जहां दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 1.5% रही थी, वहीं तीसरी तिमाही के लिए अब यह अनुमान 3% तक पहुंच गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में भारी निवेश और मजबूत कंज्यूमर स्पेंडिंग ने इस ग्रोथ को हवा दी है। अब फेडरल रिजर्व के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वो बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करेगा?

सितंबर मीटिंग और जैक्सन होल पर नजर

बाजार में हलचल तेज हो गई है। 15-16 सितंबर को होने वाली फेड मीटिंग में रेट हाइक की संभावना बढ़कर 40% से 44% के बीच पहुंच गई है। निवेशकों की निगाहें अब फेड चेयर केविन वॉर्श के आगामी 28 अगस्त के जैक्सन होल संबोधन पर टिकी हैं।

बाहरी जोखिम और अनिश्चितता

घरेलू आंकड़ों के अलावा, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल अस्थिरता, ट्रेड फ्रिक्शन और कनाडा के साथ अटकी बातचीत ने वैश्विक बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है। बॉन्ड मार्केट में बढ़ती वोलैटिलिटी और टैरिफ की आशंकाओं के बीच, अब फेड का अगला कदम ही तय करेगा कि ग्लोबल मार्केट किस दिशा में जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.