राष्ट्रपति Donald Trump ने Section 301 के तहत भारतीय सामानों पर **10%** टैरिफ लगा दिया है। स्टील पर **50%** और ऑटो कंपोनेंट्स पर **25%** की भारी लेवी से भारतीय निर्यातकों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा।
अमेरिका का कड़ा कदम
अमेरिका ने भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के लिए नई ट्रेड बाधाएं खड़ी कर दी हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने Section 301 का इस्तेमाल करते हुए भारतीय एक्सपोर्ट पर 10% का टैरिफ लागू कर दिया है। सरकार ने इसके पीछे लेबर कानूनों और रूस-ईरान के साथ एनर्जी ट्रेड जैसे जियोपॉलिटिकल मुद्दों को मुख्य वजह बताया है।
सेक्टर पर कितना असर?
टैरिफ का प्रभाव अलग-अलग सेक्टर पर अलग-अलग है। स्टील और एल्युमीनियम कंपनियों के लिए स्थिति सबसे चुनौतीपूर्ण है, जहाँ 50% का भारी टैरिफ लगाया गया है। वहीं, ऑटो कंपोनेंट मेकर्स को 25% का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इन महंगे लेवी से कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर भारी दबाव आने की आशंका है, क्योंकि उन्हें इंटरनेशनल मार्केट में अपनी कॉम्पिटिटिवनेस बनाए रखने में पसीना छूटेगा।
राहत की खबर
हालांकि, हर सेक्टर पर मार नहीं पड़ी है। स्मार्टफोन, जरूरी दवाइयां (Medicines) और कुछ एनर्जी प्रोडक्ट्स को इन नए नियमों से राहत (Exemption) दी गई है। इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।
आगे की रणनीति
यह फैसला 'Sanctioning Russia and Iran Act' का हिस्सा है। इन्वेस्टर्स अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि कंपनियां कैसे अपने रॉ मटीरियल की सोर्सिंग को मैनेज करती हैं। मार्केट में चर्चा है कि यदि ट्रेड टेंशन और बढ़ी, तो ऑयल से जुड़े ट्रेड पर टैरिफ 100% तक जा सकता है। आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) में यह देखना जरूरी होगा कि कंपनियां इस लागत के बोझ को खुद झेलती हैं या कस्टमर्स पर डालती हैं।
