US Graham Act 2026: भारत के एक्सपोर्ट पर मंडराया टैरिफ का खतरा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
US Graham Act 2026: भारत के एक्सपोर्ट पर मंडराया टैरिफ का खतरा

अमेरिका में नए 'US Graham Act 2026' के लागू होने से भारत के लिए चुनौती बढ़ गई है। रूस से तेल आयात के कारण भारत के एक्सपोर्ट पर **100%** तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है, जो फार्मा, टेक्सटाइल और IT जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर के लिए चिंता का विषय है।

कानून का दायरा और भारत पर असर

18 सितंबर, 2026 को लागू हुए 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act' ने भारतीय अर्थव्यवस्था और अमेरिका के साथ हमारे व्यापारिक रिश्तों को एक नई उलझन में डाल दिया है। इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों से आने वाले सामानों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है, जो रूस से कच्चा तेल या नेचुरल गैस खरीदने वाले टॉप-5 देशों में शामिल हैं। भारत इस सूची में होने के कारण सीधे तौर पर इस कानून के दायरे में आता है।

निवेशकों के लिए जोखिम

हालांकि ये टैरिफ अभी तुरंत लागू नहीं हुए हैं, लेकिन अमेरिकी प्रशासन को मिला यह अधिकार बाजार में अनिश्चितता पैदा कर रहा है। फार्मा, टेक्सटाइल और IT जैसे सेक्टर जो अपना अधिकांश राजस्व अमेरिका से कमाते हैं, उनके लिए यह बड़ी मुसीबत बन सकता है। अगर टैरिफ लागू होते हैं, तो कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव पड़ेगा और उनकी कैश-फ्लो स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में बाजार में इन शेयरों की री-प्राइसिंग देखने को मिल सकती है।

कूटनीतिक रास्ते की तलाश

राहत की बात यह है कि यह कानून एक 'जियोपॉलिटिकल लेवरेज' के तौर पर डिजाइन किया गया है, जहां राष्ट्रपति के पास छूट (Waivers) देने का अधिकार है। भारत सरकार ने पहले ही इस पर अपनी चिंता जाहिर कर दी है और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन की ओर से मिलने वाली कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण या छूट की खबर भारतीय बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। तब तक, अमेरिका पर निर्भर रहने वाली कंपनियों के निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.