साल 2026 की दूसरी तिमाही में US GDP की ग्रोथ दर **1.5%** रही है। पहली तिमाही के **2.1%** के मुकाबले यह सुस्ती जरूर है, लेकिन मजबूत कंज्यूमर स्पेंडिंग और कंपनियों के जबरदस्त मुनाफे ने बाजार को सहारा दिया है।
बाजार की मजबूती और आंकड़े
US Bureau of Economic Analysis के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार इकोनॉमी की रफ्तार थोड़ी कम हुई है। हालांकि, देश की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यानी कंज्यूमर स्पेंडिंग में 3.4% का उछाल देखा गया है। वहीं, कॉरपोरेट सेक्टर में भी बहार है; कंपनियों का मुनाफा पहली तिमाही के 0.5% से बढ़कर दूसरी तिमाही में 8.2% पर पहुंच गया है। इस तेजी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहा बड़ा निवेश मुख्य वजह है।
रुकावटें और इंपोर्ट का बोझ
ग्रोथ पर लगाम लगाने का काम इंपोर्ट्स ने किया है। खासतौर पर एडवांस्ड कंप्यूटर चिप्स की भारी मांग के चलते इंपोर्ट बढ़ा, जिससे GDP कैलकुलेशन में 1.64% की कटौती हुई। इसके अलावा, नॉन-डिफेंस सेक्टर में सरकारी खर्च कम होने का असर भी ग्रोथ आंकड़ों पर दिखा है।
महंगाई और भविष्य का रिस्क
इकोनॉमिक आउटलुक अभी भी सतर्कता वाला है। Federal Reserve की नजर जिस कोर PCE प्राइस इंडेक्स पर रहती है, वह अभी भी ऊंचे लेवल पर बना हुआ है। महंगाई का यह दबाव सेंट्रल बैंक के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है। इसके अलावा, पर्सनल सेविंग रेट पर बढ़ रहा दबाव भी एक बड़ा रिस्क है—अगर परिवारों ने अपनी बचत बचाने के लिए खर्च कम किया, तो आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और एनर्जी प्राइसेज भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
