US शेयर बाजार में आज के कारोबार में सुस्ती है। निवेशक मिड-टर्म इलेक्शन के नतीजों को लेकर सतर्क हैं, जबकि दूसरी ओर AMD और Super Micro Computer जैसी दिग्गज AI कंपनियों के शानदार नतीजों ने बाजार को गिरने से बचाने की कोशिश की है।
बुधवार, 4 नवंबर 2026 को US फ्यूचर्स में दबाव देखा जा रहा है। ट्रेडर्स की सबसे बड़ी चिंता मिड-टर्म इलेक्शन के नतीजों को लेकर है। निवेशक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि संसद में किसके हाथ में कंट्रोल होगा, क्योंकि इसका सीधा असर सरकारी नीतियों, खर्च और बिजनेस एनवायरनमेंट पर पड़ेगा।
AI कंपनियों से बाजार को सहारा
चुनाव के शोर के बीच टेक्नोलॉजी सेक्टर ने एक मजबूत बफर (Buffer) का काम किया है। AI सेक्टर से आ रहे नंबर्स बताते हैं कि डिमांड अभी भी बनी हुई है। Advanced Micro Devices (AMD) के नतीजों ने मार्केट की उम्मीदों को मात दी है, जिससे चिप सेक्टर में सुस्ती की डर कम हुई है।
वहीं, Super Micro Computer (SMCI) ने अपनी ताकत दिखाते हुए फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में $19.9 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने अपने फुल-ईयर रेवेन्यू गाइडेंस को भी बढ़ाकर $72 बिलियन से $82 बिलियन कर दिया है। यह आंकड़े साबित करते हैं कि कंपनियां डेटा सेंटर्स पर भारी निवेश कर रही हैं, जो टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सपोर्ट है।
ग्लोबल रिस्क पर नजर
निवेशक मजबूत नतीजों और रिस्क के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बड़ी बहस यह है कि क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा यह खर्च आगे चलकर मुनाफे में बदलेगा? इसके अलावा, रेगुलेटरी माहौल को लेकर भी डर है। अगर नतीजों में डेमोक्रेटिक बहुमत की ओर झुकाव होता है, तो AI इंडस्ट्री पर सरकारी सख्ती बढ़ सकती है।
इन सब के बीच, ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर भी सेंटीमेंट खराब कर रहे हैं। स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। साथ ही, फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के फैसलों पर भी बाजार की बारीक नजर है।
भारतीय निवेशकों के लिए यह संकेत अहम हैं क्योंकि US फ्यूचर्स की हलचल का सीधा असर FII के निवेश और भारतीय बाजार के प्रदर्शन पर पड़ता है। अब सभी की नजरें चुनाव नतीजों और टेक कंपनियों के भविष्य के खर्च के प्लान पर टिकी हैं।
