US Federal Reserve का बड़ा फैसला: ब्याज दरें 4% के पार, भारतीय बाजार पर पड़ेगा ये असर

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AuthorAditya Rao|Published at:
US Federal Reserve का बड़ा फैसला: ब्याज दरें 4% के पार, भारतीय बाजार पर पड़ेगा ये असर

U.S. Federal Reserve ने बेंचमार्क ब्याज दरों में **25 बेसिस पॉइंट्स** का इजाफा किया है, जिससे दरें **3.75% से 4.00%** की रेंज में पहुंच गई हैं। जुलाई 2023 के बाद यह पहली बार है जब दरों में बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और विदेशी निवेश पर पड़ सकता है।

फैसले के पीछे की वजह

फेड चेयर Kevin Warsh के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। अगस्त में महंगाई दर 3.4% पर रहने और एनर्जी की कीमतों में उछाल के कारण केंद्रीय बैंक ने यह सख्त रुख अपनाया है। 18 में से 16 पॉलिसी मेकर्स का मानना है कि 2026 खत्म होने से पहले कम से कम एक और बार दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि फेड का लक्ष्य 2% महंगाई दर तक 2029 तक पहुंचने का है, जिसका मतलब है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं खतरे?

जब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो वहां के ट्रेजरी बॉन्ड (U.S. Treasury Bonds) निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। इससे FIIs अपना पैसा भारतीय बाजारों से निकाल कर सुरक्षित डॉलर एसेट्स की ओर ले जा सकते हैं। इस निकासी से मार्केट में वोलैटिलिटी (Volatility) बढ़ सकती है।

इसके अलावा, डॉलर मजबूत होने से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ेगा, जिससे कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात महंगा हो जाएगा। यह देश में महंगाई को बढ़ावा दे सकता है।

किन सेक्टर्स पर रहेगी नजर?

बाजार के जानकारों का मानना है कि 'रिचली वैल्यूड' स्टॉक्स (Richly Valued Stocks) पर दबाव बढ़ सकता है। खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स, जो ब्याज दरों के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं, उन पर निवेशकों की पैनी नजर रहने वाली है। अब भारतीय निवेशकों को अमेरिकी डेटा के साथ-साथ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अगले कदमों पर भी ध्यान देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.