US Federal Reserve एक नई चुनौती का सामना कर रहा है, जहां AI में भारी निवेश के कारण डेटा सेंटर्स और एनर्जी की कीमतें बढ़ रही हैं। इस महंगाई के बीच अब निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों पर है जो कर्ज के बजाय अपने कैश फ्लो से विस्तार कर रही हैं।
US Federal Reserve अपनी अगली पॉलिसी मीटिंग की तैयारी कर रहा है, लेकिन इस बार एजेंडे में 'AI-लिंक्ड इन्फ्लेशन' का मुद्दा सबसे ऊपर है। आमतौर पर टेक्नोलॉजी सस्ती होती जाती है, लेकिन AI के लिए हो रहे विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण ने स्थिति को बदल दिया है। डेटा सेंटर्स और पावर ग्रिड्स पर खर्च बढ़ने से तकनीकी उपकरणों की कीमतों में भारी उछाल आया है।\n\n### पॉलिसी स्टैंस और बॉन्ड मार्केट\n\nबाजार के मौजूदा संकेतों के मुताबिक, सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता है। फाइनेंशियल कंडीशंस पहले ही सख्त हो चुकी हैं, जिसमें 10-year US Treasury yield पिछले एक साल में बढ़कर लगभग 2.6% हो गई है। लंबे समय की महंगाई उम्मीदें 2.4% के करीब टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि दिसंबर में 25 basis points की बढ़ोतरी के विकल्प को फेड खुला रख सकता है, जो आने वाले इन्फ्लेशन डेटा पर निर्भर करेगा।\n\n### निवेशकों के लिए बदलती रणनीति\n\nइस बदलती इकोनॉमी ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब निवेश केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि पावर टर्बाइन और इलेक्ट्रिकल ग्रिड्स तक पहुंच गया है। मार्केट में $7.9 trillion की लिक्विडिटी मनी मार्केट फंड्स में मौजूद है, लेकिन ब्याज दरें ऊंची होने के कारण कंपनियों के पास गलती की गुंजाइश कम है। अब निवेशक उन कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो कर्ज के बजाय अपने इंटरनल कैश फ्लो से प्रोजेक्ट्स को फंड कर रही हैं।
