अमेरिका में काम कर रहे H1-B वीजा होल्डर्स के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है। एक बड़े पॉलिसी बदलाव के कारण FHA-backed होम लोन का दायरा **5.8%** से गिरकर महज **0.1%** रह गया है, जबकि मॉर्गेज रेट **7.49%** के ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं।
नियम में बदलाव और असर
अमेरिकी सरकार की Federal Housing Administration (FHA) ने उन लोगों के लिए लोन की राह लगभग बंद कर दी है जिनके पास परमानेंट रेजिडेंसी स्टेटस नहीं है। पिछले साल मई में लागू किए गए इस सख्त नियम का सीधा असर उन प्रोफेशनल्स पर पड़ा है जो H1-B जैसे टेंपरेरी वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं। पहले ऐसे लोगों की हिस्सेदारी FHA-backed होम लोन में करीब 5.8% थी, जो अब सिमटकर सिर्फ 0.1% रह गई है।
Department of Housing and Urban Development (HUD) का तर्क है कि वे फेडरल लोन सपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं। आम तौर पर FHA लोन में कन्वेंशनल फाइनेंसिंग के मुकाबले डाउन पेमेंट कम देना पड़ता है, जो अब वीजा धारकों के लिए उपलब्ध नहीं है।
रियल एस्टेट पर दबाव
इस फैसले से उन इलाकों में रियल एस्टेट मार्केट पर असर दिखना शुरू हो गया है जहां वीजा होल्डर्स की संख्या ज्यादा है, जैसे कि टेक्सास के कुछ हिस्से। बायर्स की संख्या कम होने से कुछ सेगमेंट में प्रॉपर्टी कीमतों में करेक्शन देखा जा रहा है।
स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब अक्टूबर 2026 की शुरुआत में 30-वर्षीय फिक्स्ड मॉर्गेज रेट बढ़कर औसतन 7.49% के स्तर पर पहुंच गए, जो पिछले 3 साल का उच्चतम स्तर है। बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और आर्थिक अस्थिरता ने आम खरीदारों के लिए भी लोन महंगा कर दिया है। अब ऐसे में, वीजा धारकों के लिए कन्वेंशनल लोन लेना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि उनमें बेहतर क्रेडिट स्कोर और बड़े डाउन पेमेंट की जरूरत होती है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि भविष्य में यह पॉलिसी कैसे शहरी रियल एस्टेट डिमांड को प्रभावित करती है।
