US Dollar: मिडटर्म चुनाव के बाद डॉलर में लौटा स्थायित्व, निवेशकों की नजर अब Fed के फैसलों पर

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
US Dollar: मिडटर्म चुनाव के बाद डॉलर में लौटा स्थायित्व, निवेशकों की नजर अब Fed के फैसलों पर

मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद अमेरिकी डॉलर में आई अस्थिरता अब थमती दिख रही है। अब इन्वेस्टर्स का पूरा ध्यान अमेरिका की **2.3%** जीडीपी ग्रोथ और दिसंबर में फेडरल रिजर्व के संभावित फैसले पर टिका है।

बाजार की नई दिशा

मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के दबदबे के बाद अमेरिकी डॉलर में जो उठापटक देखी गई थी, अब वह धीरे-धीरे कम हो रही है। 4 नवंबर को US Dollar Index (DXY) फिसलकर एक महीने के निचले स्तर 101.21 पर आ गया था, लेकिन ट्रेडर्स द्वारा अपनी पोजीशन को फिर से व्यवस्थित करने के बाद इसमें रिकवरी देखी गई है।

आर्थिक बुनियाद बनी सहारा

राजनीतिक हलचल के बावजूद, बाजार अब कोर इकोनॉमिक इंडिकेटर्स पर फोकस कर रहा है। साल 2026 के लिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था की 2.3% ग्रोथ का अनुमान है। इस मजबूती और महंगाई के दबाव को देखते हुए, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की पूरी संभावना बनी हुई है।

जोखिम और चुनौतियां

फिलहाल, 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.90% से 4.94% के दायरे में ट्रेड कर रही है। हालांकि, नई राजनीतिक स्थिति के चलते कुछ वित्तीय चुनौतियां भी उभर सकती हैं:

  • फिस्कल हर्डल्स: डेट-सीलिंग (Debt-ceiling) को लेकर गतिरोध और सरकारी कामकाज ठप होने का डर बना हुआ है।
  • टेक रेगुलेशन: एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स के लिए नए नियमों की आहट टेक सेक्टर के लिए रिस्क पैदा कर रही है।

अगले कुछ हफ्ते काफी अहम रहेंगे। अगर टेक रेगुलेशन या वित्तीय अनिश्चितता के कारण मार्केट गिरता है, तो डॉलर की 'सेफ हेवन' (Safe Haven) वाली भूमिका की असल परीक्षा होगी, खासकर तब जब ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट देखने को मिले।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.