US ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent और चीन के वाइस प्रीमियर He Lifeng न्यूयॉर्क में महत्वपूर्ण बातचीत कर रहे हैं। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य आगामी Trump-Xi समिट से पहले ट्रेड ट्रूस और AI रेगुलेशन्स को लेकर सहमति बनाना है।
ट्रेड ट्रूस और टैरिफ का दबाव
बाजार की सबसे बड़ी चिंता 10 नवंबर को खत्म होने वाली ट्रेड ट्रूस है। यह बातचीत 16 महीने पुराने उस नेगोशिएशन साइकिल का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत नवंबर 2025 के बुसान समिट के बाद हुई थी, जिसमें टैरिफ को लगभग 20% पर सीमित कर दिया गया था। अब दोनों देश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले आपसी मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इन चर्चाओं में $17 बिलियन सालाना के कृषि आयात और 200 से अधिक बोइंग (Boeing) विमानों की खरीद जैसे पुराने कमिटमेंट्स पर भी बात हो रही है।
टेक्नोलॉजी और AI स्ट्रैटेजी
ट्रेड के अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस बातचीत का मुख्य केंद्र है। अमेरिका AI के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड्स बनाने पर जोर दे रहा है ताकि इसके गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। सेक्रेटरी Scott Bessent का साफ कहना है कि उनका लक्ष्य सिस्टमिक रिस्क को मैनेज करना है, न कि दोनों देशों के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को पूरी तरह अलग करना।
रेगुलेटरी और मार्केट रिस्क
इनवेस्टर्स इस बात पर बारीक नजर रखे हुए हैं कि ये बातचीत अमेरिकी रेगुलेटरी एक्शन को कैसे प्रभावित करती है। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद, प्रशासन ट्रेड प्रोटेक्शन के नए तरीके तलाश रहा है, जिसमें जबरन मजदूरी (forced labor) के आरोपों से जुड़े 12.5% का लेवी (levy) भी शामिल है। इसके अलावा, अमेरिका चीन की इंडस्ट्रियल ओवरकैपेसिटी पर भी अलग से जांच जारी रखे हुए है।
फिलहाल, ग्लोबल मार्केट के लिए 10 नवंबर की डेडलाइन और समिट से आने वाले आधिकारिक बयान ही सबसे बड़े ट्रिगर होंगे।
