अमेरिका और कनाडा के बीच जारी ट्रेड डिस्प्यूट अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब **$967 मिलियन** के सामान पर बैन लगा दिया है, जिससे शराब, डेयरी और मोटरसाइकिल जैसे सेक्टर प्रभावित हुए हैं।
ट्रेड वॉर का असर और सप्लाई चेन पर संकट
अमेरिका की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध कनाडा के लिए एक बड़ा झटका है। बैन किए गए सामानों में 87% हिस्सा केवल शराब (Alcoholic beverages) का है। इस फैसले के बाद Diageo और Anheuser-Busch InBev जैसी दिग्गज कंपनियों को अब अपनी सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में बदलाव करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। वहीं, छोटी कंपनियां जैसे Wolfhead Distillery ने पहले ही अमेरिका को अपना निर्यात बंद कर दिया है। इसके अलावा, Bombardier Recreational Products की मोटरसाइकिलें भी अब अमेरिकी बाजार में नहीं बिक सकेंगी।
कनाडा का नया प्लान: भारत पर नजर
कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं रखना चाहता, क्योंकि कनाडा का 70% एक्सपोर्ट अमेरिका को ही जाता है। प्रधानमंत्री Mark Carney ने अब 'ट्रेड डायवर्सिफिकेशन' (Trade Diversification) पर जोर दिया है। कनाडा अब यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को मजबूत कर रहा है और दिसंबर में होने वाले G20 समिट से पहले भारत के साथ एक महत्वपूर्ण ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की कोशिश में जुटा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को इन भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनावों पर बारीक नजर रखनी चाहिए। फिलहाल इसका असर चुनिंदा सेक्टरों पर दिख रहा है, लेकिन अगर यह तनाव और बढ़ा, तो ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता पैदा हो सकती है। G20 समिट के दौरान होने वाली बातचीत और कंपनियों की भविष्य की रणनीतियां आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगी।
