अमेरिका में 30-वर्षीय फिक्स्ड मॉर्गेज दरें बढ़कर **7.49%** पर पहुंच गई हैं, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। ट्रेजरी यील्ड में उछाल के कारण लोन आवेदनों में **4.2%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
अमेरिका का हाउसिंग मार्केट फिलहाल एक बड़े दबाव से गुजर रहा है। 2 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते के आंकड़ों के मुताबिक, 30-वर्षीय फिक्स्ड मॉर्गेज दरें उछलकर 7.49% हो गई हैं। यह नवंबर 2023 के बाद से होम लोन की सबसे ऊंची दरें हैं, जिसने आम अमेरिकियों के लिए अपना घर खरीदना काफी महंगा बना दिया है।\n\nइस महंगी ब्याज दर का असर सीधा लोन आवेदनों पर पड़ा है, जिनमें 4.2% की साप्ताहिक गिरावट देखी गई है। यह फरवरी 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। रिफाइनेंसिंग मार्केट का तो और भी बुरा हाल है, क्योंकि ऊंची दरों के चलते अब किसी को भी पुराना लोन रिफाइनेंस कराने में फायदा नहीं दिख रहा है।\n\nक्यों बढ़ रही हैं दरें?\n\nइसकी मुख्य वजह 10-वर्षीय US ट्रेजरी नोट की परफॉर्मेंस है। इसके यील्ड हाल ही में 24-वर्षीय पीक यानी 5.3% के ऊपर निकल गए हैं। इसकी दो बड़ी वजहें हैं: अमेरिका में महंगाई दर का 3.4% पर बने रहना (जो फेडरल रिजर्व के 2% के टारगेट से काफी ज्यादा है) और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण एनर्जी प्राइसेस में तेजी।\n\nइन्वेस्टर्स के लिए क्या हैं संकेत?\n\nUS हाउसिंग सेक्टर में आई यह सुस्ती इकोनॉमी की सेहत का एक बैरोमीटर है। जब वहां ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो कंज्यूमर स्पेंडिंग कम हो जाती है, जिसका असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ता है। ट्रेजरी यील्ड के इतने हाई रहने से विदेशी निवेशक सुरक्षित एसेट्स (US Bonds) की तरफ भागते हैं, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों में भी वोलेटिलिटी (Volatility) बढ़ने का रिस्क बना रहता है। फिलहाल, निवेशकों की नजर अब आगामी महंगाई के डेटा पर है, जो तय करेगा कि आने वाले महीनों में ये दरें और बढ़ेंगी या यहीं ठहरेंगी।
