UPI ID Safety: क्या अपनी UPI ID शेयर करना सुरक्षित है? जानें असली रिस्क

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
UPI ID Safety: क्या अपनी UPI ID शेयर करना सुरक्षित है? जानें असली रिस्क

UPI ID एक ईमेल एड्रेस की तरह है, जिसे पैसे लेने के लिए शेयर करना पूरी तरह सुरक्षित है। धोखाधड़ी तब होती है जब आप किसी के बहकावे में आकर पिन डाल देते हैं। अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए UPI के खेल को समझना जरूरी है।

भारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए UPI अब एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, चाहे बात रोजमर्रा की खरीद की हो या डीमैट अकाउंट में फंड ट्रांसफर की। बहुत से लोग यह सोचकर डरते हैं कि क्या अपनी UPI ID किसी मर्चेंट या ब्रोकर को देने से उनका बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। असल में, UPI ID सिर्फ एक वर्चुअल पता है जो पैसे प्राप्त करने के लिए बना है। इसे शेयर करने से आपके अकाउंट से पैसे कटने का कोई खतरा नहीं होता।

असली खतरा कहां है?

UPI ट्रांजेक्शन में सिक्योरिटी की असली चाबी आपका UPI PIN है। याद रखें, पैसे भेजने के लिए ही पिन की जरूरत होती है, पैसे पाने के लिए कभी नहीं। स्कैमर्स अक्सर रिफंड या पेमेंट का झांसा देकर आपके फोन पर 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' भेजते हैं। जैसे ही आप पिन डालते हैं, आप अनजाने में अपने अकाउंट से पैसे उनके पास भेज देते हैं। पैसे रिसीव करने के लिए पिन डालना एक बड़ा रेड फ्लैग है।

निवेशकों के लिए SEBI के नियम

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए SEBI ने सिक्योरिटी बढ़ाने के मकसद से '@valid' जैसे वेरिफाइड UPI हैंडल शुरू किए हैं। यह निवेशकों को सुनिश्चित करने में मदद करता है कि वे पैसा किसी फर्जी अकाउंट में नहीं, बल्कि सीधे अपने ब्रोकर को भेज रहे हैं। हमेशा अपने ब्रोकर के अधिकृत UPI हैंडल का ही इस्तेमाल करें।

क्या करें अगर फ्रॉड हो जाए?

डिजिटल सुरक्षा के लिए समय-समय पर अपने लिंक किए हुए पेमेंट अकाउंट्स की जांच करें और जो इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें बंद कर दें। यदि कभी आप किसी फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। घटना के 1 घंटे के भीतर रिपोर्ट करने से पैसे वापस मिलने या ट्रांजेक्शन फ्रीज होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.