उत्तर प्रदेश ने **2029-30** तक **$1 ट्रिलियन** की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार निवेश को आकर्षित करने के लिए कानूनी स्थिरता पर जोर दे रही है और 'AI प्रज्ञा' पहल के तहत **10 लाख** युवाओं को AI और साइबर सुरक्षा में प्रशिक्षित किया जाएगा।
बड़े लक्ष्य की ओर कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है। इस बड़े सपने को हकीकत में बदलने के लिए सरकार नीतिगत स्थिरता और कानून-व्यवस्था को सबसे महत्वपूर्ण मान रही है। राज्य का जोर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को और बेहतर बनाने पर है ताकि घरेलू और विदेशी निवेशक यहां बेझिझक पूंजी लगा सकें।
'AI प्रज्ञा' और डिजिटल स्किल्स
इकोनॉमिक ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार 'AI प्रज्ञा' (AI Pragya) नाम का एक विशेष कार्यक्रम शुरू कर रही है। इसके तहत 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्य के विषयों में स्किल्ड किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में कुशल वर्कफोर्स ही निवेश का असली इंजन है।
डिजिटल सुरक्षा का मजबूत ढांचा
बढ़ते डिजिटल जोखिमों को देखते हुए राज्य ने कमर कस ली है। वर्तमान में प्रदेश में 1,500 से ज्यादा साइबर हेल्प डेस्क काम कर रहे हैं और हर जिले में डेडिकेटेड साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। यह कदम न केवल साइबर अपराधों को रोकने के लिए है, बल्कि व्यापारिक माहौल को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए भी जरूरी है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
निवेशकों और बाजार के जानकारों की नजर अब राज्य की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े और 'AI प्रज्ञा' के क्रियान्वयन की गति पर रहेगी। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना और कानूनी सुधारों को जमीन पर उतारना ही इस $1 ट्रिलियन के लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी साबित होगा।
