उत्तर प्रदेश बनेगा सेमीकंडक्टर का हब, लॉजिस्टिक लागत घटाकर **9%** करने का लक्ष्य

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AuthorAditya Rao|Published at:
उत्तर प्रदेश बनेगा सेमीकंडक्टर का हब, लॉजिस्टिक लागत घटाकर **9%** करने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य लॉजिस्टिक लागत को घटाकर GSDP का **9%** करना है। मोबाइल फोन उत्पादन में **55%** से अधिक हिस्सेदारी के बाद, अब राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े निवेश को आकर्षित कर रहा है।

उत्तर प्रदेश अब अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। राज्य सरकार जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट्स लगाने पर जोर दे रही है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब राज्य पहले ही भारत के मोबाइल फोन उत्पादन में 55% से अधिक का योगदान दे रहा है।

लॉजिस्टिक लागत में कमी का रोडमैप

राज्य सरकार का मुख्य फोकस लॉजिस्टिक खर्चों को कम करना है, जो वर्तमान में 14% के उच्च स्तर पर है। इसे 9% तक लाने के लिए ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स से जोड़ा जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा एक्सपोर्ट्स में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे कंपनियों का समय बचेगा।

निवेशकों के लिए आसान रास्ता

विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए 'निवेश मित्र 3.0' (Nivesh Mitra 3.0) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो 43 विभागों की मंजूरियों को एक डिजिटल इंटरफेस पर लाता है। नई नीतियों में कैपिटल सब्सिडी के बजाय रोजगार सृजन और बड़े पैमाने पर काम करने को प्राथमिकता दी जा रही है। बड़ी ग्लोबल फर्मों के लिए जमीन की लागत पर 75% तक की छूट भी दी जा रही है।

चुनौतियां और भविष्य की राह

हालांकि, सेमीकंडक्टर निर्माण एक जटिल और भारी निवेश वाला काम है, जिसके लिए निरंतर बिजली, पानी और कुशल वर्कफोर्स की जरूरत होती है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत केंद्र सरकार का सहयोग और राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना इस पहल की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल फैक्टर होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.