उत्तर प्रदेश स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (UPSRLM) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए **10.5 लाख** सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) को अपने साथ जोड़ा है। इस पहल के तहत **1.25 करोड़** परिवारों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़कर उन्हें 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बड़े नेटवर्क का निर्माण
उत्तर प्रदेश स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (UPSRLM) ने अपने दायरे को व्यापक स्तर पर फैलाया है। यह मिशन अब 65,544 ग्राम संगठनों और 3,298 क्लस्टर-लेवल फेडरेशन्स के एक विशाल नेटवर्क के जरिए काम कर रहा है। इस ढांचे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को साहूकारों के कर्ज के जाल से निकालकर संस्थागत बैंकिंग (Institutional Credit) की सुविधा प्रदान करना है।
कैसे बढ़ रही है इनकम?
मिशन के तहत सिर्फ क्रेडिट ही नहीं, बल्कि स्किल ट्रेनिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। 'विद्युत सखी' (Vidyut Sakhi) जैसी पहल महिलाओं को सर्विस इकोनॉमी का हिस्सा बना रही है, जहाँ वे बिजली बिल कलेक्शन जैसे काम संभाल रही हैं। इसके अलावा पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी बिजनेस को बढ़ावा दिया जा रहा है।
'लखपति दीदी' और आर्थिक भविष्य
सरकार अब इन परिवारों को 'लखपति दीदी' फ्रेमवर्क के तहत मॉनिटर कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि परिवार एक तय सालाना आय के दायरे को पार कर सकें। इसे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जैसी योजनाओं के साथ जोड़कर ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत कवच दिया जा रहा है।
मार्केट के लिए क्या हैं चुनौतियां?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये समूह अपने उत्पादों को बाजार में किस कीमत पर बेच पाते हैं। बाजार में कनेक्टिविटी और कमोडिटी की कीमतों में होने वाली अस्थिरता के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों में यह क्रेडिट पैठ (Credit Penetration) कंजम्पशन को बढ़ाने में एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
