UP Defence Hub: देश का डिफेंस प्रोडक्शन **₹1.78 लाख करोड़** के पार, एक्सपोर्ट में **56 गुना** का उछाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
UP Defence Hub: देश का डिफेंस प्रोडक्शन **₹1.78 लाख करोड़** के पार, एक्सपोर्ट में **56 गुना** का उछाल

UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में गृह मंत्री अमित शाह ने डिफेंस सेक्टर के बड़े आंकड़ों का खुलासा किया है। भारत का डिफेंस प्रोडक्शन अब **₹1.78 लाख करोड़** तक पहुंच गया है, वहीं **2014** के मुकाबले एक्सपोर्ट में **56 गुना** की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है।

डिफेंस कॉरिडोर की रफ्तार

ग्रेटर नोएडा में आयोजित UP इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारत अब दुनिया के 80 देशों को डिफेंस इक्विपमेंट भेज रहा है। इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर से आ रहा है। यह कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर जैसे 6 प्रमुख शहरों में फैला हुआ है। इसका मुख्य मकसद पुराने इंडस्ट्रियल ढांचे को बदलकर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

'मेक इन इंडिया' की 12वीं सालगिरह के बाद यह सेक्टर निवेशकों के लिए फोकस में है। हालांकि, डिफेंस सेक्टर में निवेश करने से पहले निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • लंबा निवेश चक्र: डिफेंस प्रोजेक्ट्स में समय अधिक लगता है और भारी कैपिटल की जरूरत होती है।
  • एग्जीक्यूशन और मार्जिन: कंपनियों के लिए सिर्फ ऑर्डर मिलना काफी नहीं है, उन्हें समय पर डिलीवरी देनी होगी ताकि मार्जिन सुरक्षित रहे।
  • पॉलिसी पर निर्भरता: यह सेक्टर सरकारी नीतियों, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल हालातों और विदेशी व्यापार समझौतों (UAE, UK, EU) के प्रति बेहद संवेदनशील है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो कंपनियां इन नोड्स में काम कर रही हैं, उन पर नजर रखना जरूरी है। निवेश के लिए केवल बड़े आंकड़ों को न देखें, बल्कि कंपनियों के ऑर्डर बुक और प्रोजेक्ट पूरा होने की रफ्तार पर भी नजर बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.