Carbon Credits: भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ी राहत! UK ने दी मंजूरी, स्टील और सीमेंट सेक्टर को होगा फायदा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Carbon Credits: भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ी राहत! UK ने दी मंजूरी, स्टील और सीमेंट सेक्टर को होगा फायदा

UK सरकार ने 1 जनवरी 2027 से भारत की 'कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम' (CCTS) को मान्यता देने का फैसला किया है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को कार्बन बॉर्डर टैक्स के नाम पर डबल टैक्सेशन नहीं देना पड़ेगा।

डबल टैक्सेशन से बड़ी राहत

यूके सरकार के इस फैसले से भारत के उन एक्सपोर्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो कार्बन-इंटेंसिव सेक्टर जैसे स्टील, एल्युमीनियम, सीमेंट, फर्टिलाइजर और हाइड्रोजन प्रोडक्शन से जुड़े हैं। अब तक भारतीय कंपनियों को डर था कि उन्हें भारत में तो कार्बन टैक्स देना ही होगा, साथ ही ब्रिटेन में भी 'कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म' (CBAM) के तहत टैक्स चुकाना पड़ेगा। अब दोनों देशों के सिस्टम के तालमेल से भारतीय कंपनियों के लिए ग्लोबल मार्केट में अपनी कीमत प्रतिस्पर्धी (Price Competitive) बनाए रखना आसान होगा।

क्या बोले कॉमर्स सेक्रेटरी?

कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने 9 सितंबर 2026 को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान इस बात की पुष्टि की। उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों को कोई छूट मिल गई है, बल्कि यह सुनिश्चित किया गया है कि जो कंपनियां भारत के घरेलू नियमों का पालन कर रही हैं, उन पर विदेशी टैक्स का अनुचित बोझ न पड़े।

अन्य देशों के साथ ट्रेड अपडेट

सरकार अब दूसरे देशों के साथ भी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है:

  • USA: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट अब फाइनल स्टेज में है।
  • Chile: दक्षिण अमेरिका के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए चिली के साथ बातचीत अंतिम दौर में है।
  • New Zealand: अक्टूबर 2026 तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू होने की उम्मीद है।

इन्वेस्टर्स के लिए अब नजर इस पर होगी कि कंपनियां 'ग्रीन एनर्जी' ट्रांजिशन को कितनी तेजी से अपनाती हैं, क्योंकि कार्बन उत्सर्जन की सख्त रिपोर्टिंग अब भी अनिवार्य बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.