UAE India Investment: भारत में UAE करेगा **$25 बिलियन** का अतिरिक्त निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर पर रहेगा फोकस

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AuthorNeha Patil|Published at:
UAE India Investment: भारत में UAE करेगा **$25 बिलियन** का अतिरिक्त निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर पर रहेगा फोकस

UAE के निवेशक भारत में **$25 बिलियन** का नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं, जिसका लक्ष्य कुल निवेश को **$100 बिलियन** तक पहुंचाना है। 14वीं हाई-लेवल जॉइंट टास्क फोर्स की बैठक में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और रुपये-दिरहम में ट्रेड सेटलमेंट को प्राथमिकता दी गई है।

बड़े निवेश का रोडमैप

यूएई (UAE) भारत के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में है। हाल ही में हुई 14वीं हाई-लेवल जॉइंट टास्क फोर्स की मीटिंग में $25 बिलियन के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की गई है। यह निवेश न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि $100 बिलियन के दीर्घकालिक लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।

CEPA और स्ट्रैटेजिक एसेट

इस साझेदारी के केंद्र में 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (CEPA) है। पिछले 4 साल में इस एग्रीमेंट ने व्यापार को काफी गति दी है। अब दोनों देशों की सरकारें केवल सामान के आदान-प्रदान से आगे बढ़कर रणनीतिक संपत्तियों (Strategic Assets) के एकीकरण पर जोर दे रही हैं, ताकि लंबी अवधि के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जा सके।

एनर्जी सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स

भारत और UAE अब सब-सी पाइपलाइन (Subsea pipelines) के जरिए गैस स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर भारत की निर्भरता कम होगी। साथ ही, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स के आधुनिकीकरण से एक्सपोर्टर्स की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

करेंसी सेटलमेंट में बदलाव

सबसे अहम बदलाव रुपये और दिरहम (Rupee-Dirham) में ट्रेड सेटलमेंट को लेकर है। डॉलर पर निर्भरता कम करके दोनों देश ट्रांजैक्शन कॉस्ट को घटा रहे हैं। फाइनेंशियल संस्थानों के अनुसार, इस मैकेनिज्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और वॉल्यूम में डबल-डिजिट की ग्रोथ देखी गई है।

निवेशकों के लिए राय

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सब-सी पाइपलाइन जैसे मेगा-प्रोजेक्ट्स में इंजीनियरिंग और रेगुलेटरी चुनौतियां हो सकती हैं। हालांकि CEPA से कानूनी बाधाएं कम हुई हैं, लेकिन निवेशकों को अब प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और टाइमलाइन पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.