US प्रेसिडेंट Donald Trump की आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका। उनकी अप्रूवल रेटिंग गिरकर **26%** हो गई है, जबकि केवल **17%** अमेरिकियों ने महंगाई प्रबंधन पर संतोष जताया है।
नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनावों से पहले Donald Trump सरकार आर्थिक मोर्चे पर बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। ताजा पोलिंग डेटा के अनुसार, केवल 17% अमेरिकी ही बढ़ती महंगाई को संभालने के उनके तरीके से खुश हैं। यह डेटा सरकार के लिए इसलिए चिंताजनक है क्योंकि करीब 65% जनता सीधे तौर पर प्रेसिडेंट की नीतियों को ही इस महंगाई के लिए जिम्मेदार मान रही है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
आर्थिक मंदी का सीधा संबंध उन ट्रेड टैरिफ्स (Trade Tariffs) से है, जिन्हें लेकर काफी विरोध हो रहा है। इसके अलावा, ईरान के साथ चल रहा तनाव भी ग्लोबल कमोडिटी मार्केट के लिए सिरदर्द बना हुआ है। जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका है, जो भारतीय निवेशकों के लिए भी चिंता का विषय है।
निवेशकों के लिए जोखिम
बाजार के लिए सबसे बड़ा रिस्क 'पॉलिसी अनप्रेडिक्टेबिलिटी' है। मिड-टर्म इलेक्शन के करीब आते ही, अगर सरकार अपनी लोकप्रियता वापस पाने के लिए ट्रेड या फॉरेन पॉलिसी में कोई बड़ा बदलाव करती है, तो ग्लोबल इक्विटी मार्केट और करेंसी वैल्यू में भारी हलचल देखने को मिल सकती है। निवेशकों को विशेष रूप से टैरिफ स्ट्रक्चर में किसी भी बदलाव और ईरान की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि ये सीधे तौर पर ग्लोबल सेंटीमेंट को प्रभावित करेंगे।
