भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता बेहद सुस्त रहा। टॉप 10 में से 7 दिग्गज कंपनियों की मार्केट वैल्यू में कुल **₹1.13 लाख करोड़** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल इकोनॉमिक और जियोपॉलिटिकल चिंताओं के कारण बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए हैं।
भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते भी निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी। लगातार तीसरी बार बेंचमार्क इंडेक्स पर भारी दबाव रहा। 30 अगस्त 2026 को खत्म हुए हफ्ते में BSE Sensex 276.32 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty ने 76.35 अंकों की गिरावट दर्ज की।
दिग्गज कंपनियों पर दबाव
मार्केट कैप में गिरावट का सबसे बुरा असर बड़ी कंपनियों पर दिखा। ग्लोबल ब्याज दरों की चिंता और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के चलते निवेशकों ने बिकवाली की। भारती एयरटेल (Bharti Airtel) सबसे ज्यादा प्रभावित रही, जिसका मार्केट कैप ₹40,500.85 करोड़ घट गया। इसके ठीक बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) रही, जिसकी वैल्यूएशन में ₹40,056.32 करोड़ की कमी आई।
इसके अलावा HDFC Bank का मार्केट कैप ₹11,558.35 करोड़ और Bajaj Finance का ₹10,086.05 करोड़ घटा। इस लिस्ट में Larsen & Toubro, LIC और Hindustan Unilever भी शामिल रहे, जिनकी वैल्यूएशन में गिरावट ने सेंसेक्स पर दबाव बनाया।
IT और बैंकिंग का सहारा
बाजार की इस खराब हालत में भी कुछ दिग्गजों ने हिम्मत दिखाई। Tata Consultancy Services (TCS) ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए अपनी वैल्यूएशन में ₹16,643.2 करोड़ का इजाफा किया। बैंकिंग सेक्टर से भी राहत मिली, जहाँ ICICI Bank का मार्केट कैप ₹4,475.28 करोड़ और SBI का मार्केट कैप ₹599.99 करोड़ बढ़ गया।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
बाजार के जानकारों का मानना है कि ये साप्ताहिक उतार-चढ़ाव सिर्फ सेंटिमेंट का खेल है, कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत हैं। निवेशकों को अब ग्लोबल सेंट्रल बैंकों की ब्याज दरों और घरेलू डेटा पर नजर रखनी चाहिए, जो आने वाले समय में मार्केट की चाल तय करेंगे।
