Thomas Cook India: छोटे शहरों से बढ़ा फॉरेन एक्सचेंज का डिमांड, 53% तक पहुंची हिस्सेदारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Thomas Cook India: छोटे शहरों से बढ़ा फॉरेन एक्सचेंज का डिमांड, 53% तक पहुंची हिस्सेदारी

Thomas Cook India की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-2 और टियर-3 शहरों से विदेशी मुद्रा (Forex) की मांग बढ़कर कुल डिमांड का **53%** हो गई है। यह बड़े महानगरों से आगे निकल गया है। हालांकि, यह ग्रोथ कंपनी के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन निवेशकों को हालिया तिमाही नतीजों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसमें रेवेन्यू में **12%** और प्रॉफिट में **21%** की गिरावट आई है।

टियर-2, 3 शहरों से फॉरेन एक्सचेंज की बढ़त

Thomas Cook India द्वारा जारी 'इंडिया फॉरेक्स रिपोर्ट 2026' के अनुसार, भारत में विदेशी मुद्रा (Forex) की मांग अब बड़े महानगरों से हटकर छोटे शहरों की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट बताती है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से अब कुल फॉरेन एक्सचेंज डिमांड का 53% हिस्सा आ रहा है, जबकि बड़े शहर अब 47% का योगदान दे रहे हैं।

यह आंकड़े अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक के हैं। इनमें 57% मांग सिर्फ घूमने-फिरने (Leisure Travel) से आ रही है, जबकि 27% कॉर्पोरेट ट्रेवल और 16% विदेश में पढ़ाई के लिए फॉरेन एक्सचेंज का इस्तेमाल हो रहा है। एक खास बात यह भी है कि 25 से 60 साल के मिलेनियल्स और Gen X (युवा पीढ़ी) अकेले 75% फॉरेक्स ट्रांजेक्शन्स को अंजाम दे रहे हैं।

डिजिटल ट्रांजेक्शन्स में बढ़ोतरी

रिपोर्ट यह भी बताती है कि फॉरेन एक्सचेंज के इस्तेमाल का तरीका भी बदल रहा है। अभी भी 75% ट्रांजेक्शन्स फिजिकल ब्रांचों से हो रहे हैं, लेकिन डिजिटल चैनलों का हिस्सा बढ़कर 25% तक पहुंच गया है। पिछले 2 सालों में सेल्फ-सर्विस प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में 50% की बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी के लिए यह अच्छा संकेत है क्योंकि डिजिटल ट्रांजेक्शन्स से ऑपरेशनल कॉस्ट कम होती है, लेकिन इसके लिए टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश की जरूरत है।

मांग वाली मुद्राओं की बात करें तो, अमेरिकी डॉलर सबसे ज्यादा 49% की हिस्सेदारी के साथ पहले नंबर पर है। यूरोपीय मुद्राएं 23% और एशियाई मुद्राएं 11% पर हैं। मध्य पूर्व और ऑस्ट्रेलिया/न्यूज़ीलैंड भी भारतीय यात्रियों के लिए अहम बाजार बने हुए हैं।

वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों के लिए अहम बातें

छोटे शहरों से फॉरेक्स की बढ़ती मांग के बावजूद, निवेशकों को कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों पर भी गौर करना चाहिए। Thomas Cook India ने Q1 FY27 में अपने कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 12% की गिरावट और नेट प्रॉफिट में 21% की कमी दर्ज की है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर उनके GCC (खाड़ी देश) स्थित सहायक कंपनियों पर पड़ा है, जिसने कुल मुनाफे को प्रभावित किया है।

निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कंपनी इन उभरते टियर-2 और टियर-3 बाजारों में अपनी ग्रोथ बनाए रख पाती है और साथ ही बढ़ती लागत को कंट्रोल कर पाती है। कंपनी पर दोहरी चुनौती है: एक तरफ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर बढ़ती ऑनलाइन मांग को भुनाना, और दूसरी तरफ भू-राजनीतिक जोखिमों से निपटना जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा को प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी की भविष्य की सफलता उसकी प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने और लागत प्रबंधन की क्षमता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.