तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकारों ने मिलकर Tummidihatti Barrage की ऊंचाई को **148 मीटर** से बढ़ाकर **152 मीटर** करने के प्रस्ताव की समीक्षा के लिए एक जॉइंट कमेटी का गठन किया है।
तेलंगाना और महाराष्ट्र की सरकारों ने प्राणिता (Pranahita) नदी पर स्थित Tummidihatti Barrage की ऊंचाई बढ़ाने के लिए एक जॉइंट कमेटी का गठन किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कोमाराम भीम आसिफाबाद जिले में दशकों से चली आ रही सिंचाई की समस्या को दूर करना है।
क्या है पूरा मामला?
साल 2016 के एक अंतर-राज्यीय समझौते के तहत बांध की ऊंचाई को 148 मीटर पर सीमित रखा गया था। हालांकि, अब इसे 152 मीटर करने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि क्षेत्र की कृषि जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। यह कमेटी बांध की तकनीकी व्यवहार्यता (Technical Feasibility), पानी की उपलब्धता और भूमि डूबने के खतरों का गहन अध्ययन करेगी। महाराष्ट्र सरकार ने इस पर अपना समर्थन पर्यावरण और स्थानीय आबादी पर असर न पड़ने की शर्त पर दिया है।
इंफ्रा सेक्टर के लिए अवसर
निवेशकों के नजरिए से यह एक अहम घटनाक्रम है। इस तरह के बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट्स भविष्य में सिविल इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स का द्वार खोल सकते हैं। अगर यह प्रोजेक्ट सभी पर्यावरणीय और प्रशासनिक मंजूरी हासिल कर लेता है, तो नहर खुदाई (Canal excavation) और बांध निर्माण (Dam construction) से जुड़ी कंपनियों के ऑर्डर बुक में अच्छी उछाल देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, मार्केट की नजर इस कमेटी की रिपोर्ट, पर्यावरण क्लीयरेंस और सरकारी बजट आवंटन पर टिकी रहेगी। इन फैक्टर्स से ही तय होगा कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या फिर इसे जमीन पर उतारा जाएगा।
