Telangana के मुख्यमंत्री Revanth Reddy ने BJP पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका दावा है कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कांग्रेस समर्थकों के नाम सूची से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं।
आरोपों की सच्चाई क्या है?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री Revanth Reddy ने कोडांगल में अधिकारियों को संबोधित करते हुए सनसनीखेज दावे किए हैं। उनका कहना है कि Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया का इस्तेमाल उन समुदायों के वोट काटने के लिए किया जा रहा है, जो कांग्रेस का समर्थन करते हैं। इसमें मुख्य रूप से SC, ST और अल्पसंख्यक वर्ग को निशाना बनाने की बात कही गई है।
आंकड़ों का खेल और विवाद
विवाद की जड़ 17 अगस्त, 2026 को जारी हुई मतदाता सूची का ड्राफ्ट है। इस डाटा के मुताबिक करीब 93 लाख मतदाताओं को अलग-अलग विसंगतियों के चलते चिह्नित किया गया है। इनमें से 73 लाख नामों को 'ASDD' (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) की श्रेणी में रखा गया है। सीएम का आरोप है कि ये वर्गीकरण प्रशासनिक हस्तक्षेप का नतीजा हो सकता है।
विपक्ष पर साधा निशाना
CM ने Bharat Rashtra Samithi (BRS) पर भी बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों से पहले कांग्रेस के वोट बैंक को कमजोर करने के लिए यह एक सोची-समझी रणनीति है।
आगे की रणनीति
इस संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर तैनात रहने का निर्देश दिया है। पार्टी एजेंटों को हर पोलिंग बूथ पर जाकर इन संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच करनी होगी। आपत्तियों को दर्ज कराने की आखिरी तारीख 16 सितंबर, 2026 है, जबकि अंतिम सूची 19 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
नोट: यह पूरी तरह से एक राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका शेयर बाजार या किसी कॉर्पोरेट वित्तीय स्वास्थ्य से कोई संबंध नहीं है।
