भारत में नौकरियों का बाजार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। TeamLease की नई रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज **5.4%** रहने की उम्मीद है, जिसमें ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे आगे रहेंगे।
बाजार का क्या है मिजाज?
हायरिंग और रिक्रूटमेंट मार्केट के लिए अच्छी खबर है। TeamLease एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच हायरिंग डिमांड 5.4% रहने का अनुमान है। यह पहली छमाही के 4.7% के आंकड़े से बेहतर है, जो साफ संकेत देता है कि कंपनियां अब वर्कफोर्स बढ़ाने के लिए ज्यादा कॉन्फिडेंट हैं।
कहाँ दिखेगी सबसे ज्यादा हलचल?
हायरिंग का ट्रेंड हर सेक्टर में एक जैसा नहीं है। ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में हायरिंग डिमांड 12.6% रहने की उम्मीद है, जो डिजिटल इकोनॉमी की रफ्तार को दर्शाता है। वहीं, इसके उलट BPO सेक्टर में -0.2% की गिरावट दिख रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह है AI और ऑटोमेशन, जो धीरे-धीरे मानवीय काम की जगह ले रहे हैं। जो स्टाफिंग कंपनियां BPO क्लाइंट्स पर ज्यादा निर्भर हैं, उन्हें आने वाले समय में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
रिपोर्ट का एक अहम हिस्सा रेगुलेटरी बदलावों से जुड़ा है। करीब 39% एम्प्लॉयर्स का मानना है कि नए लेबर कोड्स के लागू होने के बाद एडमिनिस्ट्रेटिव काम और कंप्लायंस का बोझ बढ़ेगा। इससे कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर अस्थायी दबाव देखने को मिल सकता है।
शहरों का दबदबा
हायरिंग के मामले में बेंगलुरु अभी भी नंबर वन बना हुआ है, जहाँ 68% सर्वेक्षित कंपनियां निवेश और भर्तियां करने को तैयार हैं। इसके बाद हैदराबाद और पुणे का नंबर आता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि स्टाफिंग कंपनियां इन हायरिंग प्लान्स को लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स में कितनी कुशलता से बदल पाती हैं।
