टैक्स अधिकारियों ने Haier, Blue Star और Godrej & Boyce को नोटिस भेजा है। इन कंपनियों पर ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के फर्जी दस्तावेजों के जरिए **$7.14 लाख** (लगभग **₹6 करोड़**) के टैक्स क्रेडिट का गलत दावा करने का आरोप है।
भारतीय टैक्स अधिकारियों ने तीन दिग्गज अप्लायंस कंपनियों—Haier, Blue Star और Godrej & Boyce—को औपचारिक नोटिस जारी किए हैं। सरकारी जांच का केंद्र 'WEEE-PRO Resource Recovery Solutions' द्वारा जारी किए गए वे रीसाइक्लिंग सर्टिफिकेट हैं, जिन्हें विभाग ने फर्जी बताया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में पता चला है कि रीसाइक्लिंग के दावों के लिए दी गई फोटो में छेड़छाड़ की गई थी, जिसमें गलत टाइमस्टैम्प जैसी विसंगतियां पाई गईं। इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कुल $7,14,000 के टैक्स क्रेडिट के लिए किया गया। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा Haier का ($3,67,900) है, इसके बाद Blue Star ($1,86,600) और Godrej & Boyce ($1,59,700) का नंबर आता है।
वित्तीय और रिपुटेशनल रिस्क
अगर यह धोखाधड़ी साबित होती है, तो कंपनियों को दावों की राशि का 100% तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। निवेशकों की चिंता अब कंपनियों की साख और पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ रही रेगुलेटरी सख्ती को लेकर है। Godrej & Boyce और Blue Star ने कहा है कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं और संबंधित वेंडर के साथ अपने कमर्शियल संबंध तोड़ लिए हैं।
सेक्टर पर असर
यह घटना इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में सप्लाई चेन ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) की पोल खोलती है। पर्यावरण नियमों के सख्त होने के साथ, कंपनियों पर अपने रीसाइक्लिंग पार्टनर्स की जवाबदेही बढ़ गई है। निवेशकों के लिए अब कंपनियों द्वारा इंटरनल ऑडिट और भविष्य में संभावित कानूनी जुर्माने पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
