Tata Sons में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। चेयरमैन N. Chandrasekaran फरवरी 2027 में पद छोड़ देंगे और कंपनी ने उनकी जगह लेने के लिए तीन दिग्गजों को शॉर्टलिस्ट किया है।
टाटा समूह में लीडरशिप ट्रांजिशन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। मौजूदा चेयरमैन N. Chandrasekaran 20 फरवरी, 2027 को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पद से हट जाएंगे और दोबारा नियुक्ति नहीं मांगेंगे। बोर्ड ने उनकी जगह लेने के लिए T V Narendran (CEO, Tata Steel), Saurabh Agrawal (Group CFO), और Ashish Chauhan (MD & CEO, NSE) के नामों पर विचार करना शुरू कर दिया है।
कौन हैं ये तीन दावेदार?
T V Narendran को आंतरिक रूप से सबसे आगे माना जा रहा है। टाटा स्टील में उनके अनुभव और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की समझ को कंपनी की स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं, Saurabh Agrawal का नाम कंपनी की फाइनेंशियल आर्किटेक्चर और कैपिटल मैनेजमेंट को लेकर चर्चा में है। तीसरे दावेदार Ashish Chauhan को टेक्नोलॉजी और रेगुलेटरी मामलों के एक्सपर्ट के तौर पर देखा जा रहा है, जो टाटा के डिजिटल विजन को नई गति दे सकते हैं।
ग्रुप की फाइनेंशियल सेहत और चुनौतियां
आने वाले नए चेयरमैन के सामने एक मजबूत लेकिन चुनौतीपूर्ण कंपनी होगी। फाइनेंशियल ईयर 2026 में टाटा संस ने ₹31,961 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज किया है, जो सालाना 21.8% की ग्रोथ है। कंपनी का रेवेन्यू ₹42,367 करोड़ रहा, जिसमें 9.1% की बढ़त देखी गई।
हालांकि, नई लीडरशिप के लिए सबसे बड़ी चुनौती एयरलाइन सेक्टर में हो रहे घाटे को कम करना है। Air India को FY26 में ₹22,238 करोड़ का भारी नुकसान हुआ है। अगले चेयरमैन को न केवल इन बड़े निवेशों को प्रॉफिट में बदलना होगा, बल्कि 'अपर-लेयर' NBFC क्लासिफिकेशन जैसी रेगुलेटरी चुनौतियों से भी निपटना होगा।
