तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने चेन्नई में एक अत्याधुनिक सचिवालय और विधानसभा परिसर बनाने की घोषणा की है। **₹1,200 करोड़** की लागत वाली इस **20 लाख स्क्वायर फीट** की परियोजना का उद्देश्य सरकारी कामकाज को एक जगह केंद्रित करना है, हालांकि इसके क्रियान्वयन को लेकर चुनौतियां भी बरकरार हैं।
मेगा प्रोजेक्ट का खाका
3 सितंबर, 2026 को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने नियम 110 के तहत इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव रखा। वर्तमान में राज्य के प्रशासनिक दफ्तर अलग-अलग जगहों पर बिखरे हुए हैं, जिन्हें अब एक ही आधुनिक हब में लाने की तैयारी है।
क्या है खास?
यह परिसर 20 लाख स्क्वायर फीट (2 मिलियन स्क्वायर फीट) में फैला होगा। सरकार का जोर इस इमारत को ग्रीन बिल्डिंग मानकों, बेहतर फायर सेफ्टी और हाई-टेक कॉन्फ्रेंस सुविधाओं से लैस करने पर है। फिलहाल, गुइंडी (Guindy) स्थित हाईवेज रिसर्च स्टेशन, पट्टिनपक्कम और नंदांबक्कम जैसे स्थानों को संभावित साइट के तौर पर देखा जा रहा है।
इकोनॉमिक इंपैक्ट और रिस्क
इस तरह की बड़ी सरकारी परियोजनाओं से कंस्ट्रक्शन, स्टील और सीमेंट सेक्टर में नई मांग पैदा होने की संभावना है। टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू होते ही इन सेक्टर की कंपनियों के लिए बड़े कॉन्ट्रैक्ट के रास्ते खुल सकते हैं।
हालांकि, निवेश के नजरिए से कुछ चुनौतियां भी अहम हैं। तमिलनाडु में अतीत में भी ऐसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर लागत बढ़ने (Cost Overruns) और जमीन अधिग्रहण में देरी का जोखिम रहा है। प्रशासनिक कार्यों के केंद्रीकरण के इस कदम पर राजनीतिक बहस और वित्तीय अनुशासन के सवाल भी उठ सकते हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार बजट और समय-सीमा का पालन कैसे करती है।
