Tamil Nadu सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को 2036 तक **$1.5 ट्रिलियन** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए चेन्नई पर निर्भरता कम कर **6** नए औद्योगिक शहरों को विकसित किया जाएगा, ताकि निवेश की रफ्तार को तेज किया जा सके।
चेन्नई से परे: विकास के नए केंद्र
राज्य सरकार ने अब 'चेन्नई-सेंट्रिक' मॉडल से आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत Coimbatore, Madurai, Tiruchirappalli, Hosur, Salem और Thoothukudi को औद्योगिक हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। Coimbatore को खास तौर पर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए चुना गया है, जबकि अन्य शहरों में सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस जैसे सनराइज सेक्टर्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
आसान निवेश के लिए डिजिटल बदलाव
निवेशकों के लिए प्रक्रिया सरल बनाने के लिए 'Guidance 3.0' पोर्टल और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण और ज़ोनिंग से जुड़ी देरी को खत्म करना है ताकि प्रोजेक्ट्स जल्दी शुरू हो सकें। सरकार की तरफ से पहले 100 दिनों में ही ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का कमिटमेंट जुटा लिया गया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के लिए राज्य की वित्तीय स्थिति एक बड़ा फैक्टर है। तमिलनाडु पर मौजूद भारी कर्ज और रेवेन्यू डेफिसिट को देखते हुए जानकारों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के खर्चों को मैनेज करना चुनौतीपूर्ण होगा। साथ ही, नीतिगत स्थिरता (Policy Stability) निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि पिछले कुछ प्रोजेक्ट्स में बदलाव ने सेंटीमेंट पर असर डाला है। राज्य को 14-17% की सालाना दर से विकास करना होगा ताकि वह 2036 के लक्ष्य को हासिल कर सके।
