निवेश को रफ्तार देने के लिए Tamil Nadu सरकार ने सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स के लिए **21 दिन** की 'डीम्ड अप्रूवल' प्रणाली लागू की है।
सरकारी सुधारों की नई राह
Tamil Nadu सरकार अब हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दे रही है। राज्य सरकार का मानना है कि सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने के लिए नौकरशाही की अड़चनों को हटाना बेहद जरूरी है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब प्रोजेक्ट्स को क्लियरेंस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे बड़े कैपिटल निवेश की राह आसान होगी।
नई कमीशन और 2027 का विजन
तेजी से काम करने के लिए राज्य एक 'इन्वेस्टमेंट प्रमोशन कमीशन' भी बना रहा है, जो बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की निगरानी करेगा। साथ ही, साल 2027 की शुरुआत में एक नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी पेश की जाएगी। इस पॉलिसी का मुख्य जोर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर होगा, जो पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से कहीं आगे की सोच है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य की 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (MoU) को प्रोजेक्ट में बदलने की दर 72% है, जो निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए काफी है। 'Guidance Tamil Nadu' की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया निवेश का करीब आधा हिस्सा उन कंपनियों से आया है जो पहले से ही यहां मौजूद हैं और अपने विस्तार (Expansion) पर काम कर रही हैं।
हालांकि, सेमीकंडक्टर और AI जैसे सेक्टरों के लिए भारी बिजली, पानी और कुशल श्रम बल की जरूरत होती है। हालांकि यह अप्रूवल सिस्टम एक बड़ा पॉजिटिव कदम है, लेकिन असल सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य इन हाई-टेक सेक्टरों के लिए कितना मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर पाता है। निवेशकों को सलाह है कि वे 2027 की पॉलिसी में मिलने वाले इंसेंटिव्स और जमीन आवंटन पर नजर रखें।
