FDI के मामले में तमिलनाडु ने बाजी मार ली है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में राज्य ने **$5.9 बिलियन** का निवेश आकर्षित किया है, जो देश के कुल इनफ्लो का **30%** है।
भारत में विदेशी निवेश (FDI) के आंकड़ों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तमिलनाडु देश का सबसे पसंदीदा निवेश डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। राज्य ने कुल $19.8 बिलियन के राष्ट्रीय स्तर में से $5.9 बिलियन का निवेश हासिल किया है, जो पिछले साल इसी अवधि में आए $2.7 बिलियन के मुकाबले काफी ज्यादा है।
इस उछाल के पीछे की असली वजह
तमिलनाडु की इस कामयाबी में Shriram Finance और जापान के Mitsubishi UFJ Financial Group (MUFG) के बीच हुई बड़ी इक्विटी डील का सबसे बड़ा हाथ रहा है। इसके अलावा, राज्य ने Global Capability Centers (GCCs) में भी अपना दबदबा बनाया है। Walgreens और Starbucks जैसे बड़े ग्लोबल ब्रांड्स के विस्तार ने साबित कर दिया है कि तमिलनाडु अब सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्विसेज सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बड़े राज्यों को पछाड़ा
इस तिमाही में ट्रेडिशनल FDI हब रहे राज्यों की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है। महाराष्ट्र की हिस्सेदारी गिरकर 21% और कर्नाटक की 11% रह गई है। जानकारों का मानना है कि तिमाही आधार पर FDI डेटा में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, क्योंकि बड़ी और एकमुश्त डील आंकड़ों में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
हालांकि यह आंकड़े तमिलनाडु के लिए उत्साहजनक हैं, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि लंबी अवधि की सफलता राज्य के प्रोजेक्ट्स के सही क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। असली परीक्षा इस बात की है कि क्या राज्य इस मोमेंटम को आगे भी बरकरार रख पाता है या यह सिर्फ एक अस्थायी शिफ्ट है।
