Tamil Nadu सरकार ने बड़े निवेश प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी देने के लिए 'Investment Promotion Commission' का गठन किया है। Chief Secretary की अध्यक्षता वाली यह बॉडी 2036 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को $1.5 ट्रिलियन तक पहुँचाने में मदद करेगी, हालांकि इसके सामने वित्तीय और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
तमिलनाडु सरकार ने $1.5 ट्रिलियन की इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल करने के लिए 'तमिलनाडु इन्वेस्टमेंट प्रमोशन कमीशन' (TNIPC) का गठन किया है। इस हाई-लेवल बॉडी की अध्यक्षता चीफ सेक्रेटरी करेंगे। इसका मुख्य काम निवेश समझौतों और उनके धरातल पर उतरने के बीच की दूरी को कम करना है।
नई व्यवस्था और नियम
यह कमीशन 'तमिलनाडु बिजनेस फैसिलिटेशन एक्ट, 2018' के तहत नोटिफाई की गई है। इसके जरिए राज्य के 22 कानूनों को एक सिंगल फ्रेमवर्क में लाया जाएगा। इसका लक्ष्य ऐसे प्रोजेक्ट्स को 21 दिन के भीतर मंजूरी देना है, जिनमें ₹200 करोड़ या उससे ज्यादा का निवेश हो, या जो कम से कम 5,000 नौकरियां पैदा करने का वादा करते हों।
रणनीतिक फोकस और चुनौतियां
TNIPC का मकसद फाइनेंस, एनर्जी, MSME और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड जैसे विभागों के बीच तालमेल बिठाकर जमीन अधिग्रहण और एनवायरमेंटल मंजूरी जैसी अड़चनों को दूर करना है। साथ ही, सरकार ग्लोबल तमिल डायस्पोरा (प्रवासी तमिलों) से निवेश जुटाने पर भी जोर दे रही है।
हालांकि, सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इन लक्ष्यों को कैसे हासिल करती है। बड़ी चुनौती यह है कि यह कमीशन केवल राज्य स्तरीय कानूनों पर काम कर सकती है, जबकि केंद्रीय कानूनों के कारण आने वाली देरी को दूर करना इसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसके अलावा, राज्य पर कर्ज का दबाव और वेलफेयर स्कीमों का खर्च भी विकास कार्यों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि 'Guidance Tamil Nadu' के जरिए यह टेक्निकल इन्फ्रास्ट्रक्चर कितनी जल्दी काम करना शुरू करता है।
