Tamil Nadu में पेंशन पर होने वाला खर्च बढ़कर **₹44,814 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो राज्य के कुल रेवेन्यू का **14.5%** है। बजट पर बढ़ते इस दबाव को कम करने के लिए सरकार अब लिक्विडिटी सुधारने और कर्ज प्रबंधन पर जोर दे रही है।
सरकारी खजाने पर पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स का बोझ लगातार भारी होता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में पेंशन खर्च ₹44,814 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 10.2% अधिक है। साल 2021-22 में यह खर्च कुल रेवेन्यू का 12.7% था, जो अब बढ़कर 14.5% पर आ गया है। इस बढ़ते कमिटेड खर्च के कारण बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के लिए फंड जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
बजट पर वित्तीय दबाव
अगस्त 2026 में पेश किए गए 2026-27 के बजट में पेंशन के लिए ₹47,240 करोड़ का आवंटन किया गया है। राज्य पर कुल बकाया कर्ज का बोझ करीब ₹13.18 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। सरकार का लक्ष्य फिस्कल डेफिसिट को GSDP के 3% तक सीमित रखने का है, जिसके लिए रेवेन्यू मैनेजमेंट को और सख्त बनाना होगा।
सुधार और नई नीतियां
वित्तीय तनाव को कम करने के लिए सरकार ने कई प्रशासनिक बदलाव किए हैं:
- TAPS (Tamil Nadu Assured Pension Scheme): जनवरी 2026 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए यह स्कीम शुरू की गई है, जिसमें अंतिम बेसिक सैलरी का 50% और डियरनेस अलाउंस (DA) की गारंटी दी गई है।
- Just-in-Time पेमेंट सिस्टम: फाइनेंस डिपार्टमेंट ने फंड पार्किंग को रोकने के लिए यह सिस्टम लागू किया है। इसके जरिए फंड तभी जारी किए जाएंगे जब उनकी जरूरत होगी, जिससे ब्याज का बोझ घटेगा।
- स्वास्थ्य बीमा: United India Insurance Company के जरिए 'New Health Insurance Scheme 2026' लॉन्च की गई है ताकि सरकारी कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।
निवेशकों को अब राज्य के फिस्कल डेफिसिट लक्ष्यों और रेवेन्यू कलेक्शन पर नजर रखनी चाहिए। विकास कार्यों पर होने वाला खर्च (Capital Expenditure) बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी, खासकर तब जब फिक्स्ड कॉस्ट लगातार बढ़ रहे हों।
