अक्टूबर 2026 में Tamil Nadu की GST रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त होकर सिर्फ **3%** रह गई है। इस बीच, राज्य को **₹1,614 करोड़** का एक बड़ा कोरियन इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट भी गंवाना पड़ा है, जो अब Andhra Pradesh में लगेगा।
अक्टूबर 2026 के ताजा आंकड़ों ने Tamil Nadu के आर्थिक हालातों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां पड़ोसी राज्यों में रेवेन्यू की रफ्तार तेज है, वहीं तमिलनाडु काफी पीछे छूटता दिख रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, Andhra Pradesh में 24%, Kerala में 23%, Karnataka में 18% और Telangana में 14% की ग्रोथ दर्ज की गई है, जबकि तमिलनाडु इस दौड़ में मात्र 3% पर सिमट गया है। जानकारों का कहना है कि यह मामूली बढ़त भी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के बजाय आयात पर लगे लेवी के कारण है, जो चिंता का विषय है।
इन्वेस्टमेंट पर 'पॉलिसी पैरालिसिस' का साया
राज्य की इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ा झटका ₹1,614 करोड़ का वह इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट है, जो पहले तमिलनाडु के लिए प्रस्तावित था लेकिन अब Andhra Pradesh चला गया है। इस घटना ने 'Guidance Tamil Nadu' जैसी एजेंसियों की कार्यक्षमता पर सवाल उठा दिए हैं। विपक्षी दलों ने इसे मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay की सरकार की विफलता और निवेशकों के घटते भरोसे से जोड़कर देखना शुरू कर दिया है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
मार्केट ऑब्जर्वर्स का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स का दूसरे राज्यों में शिफ्ट होना नौकरशाही की बाधाओं, जमीन अधिग्रहण में देरी और लचर प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। आने वाले कुछ क्वार्टर्स यह तय करेंगे कि राज्य अपनी औद्योगिक गति को वापस पा सकता है या नहीं। निवेशकों की नजर अब इस पर टिकी है कि क्या सरकार 'Ease of Doing Business' में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाती है या फिर राज्य की फिस्कल हेल्थ पर दबाव और बढ़ेगा।
