Tamil Nadu Budget: 3% घाटे का लक्ष्य, कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Tamil Nadu Budget: 3% घाटे का लक्ष्य, कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस

तमिलनाडु सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपना पहला बजट पेश किया है। सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को GSDP के 3% पर रखना है, साथ ही कई नई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की गई है। राज्य पर ₹10.43 लाख करोड़ से ₹13.18 लाख करोड़ तक का बकाया कर्ज है, जिसे देखते हुए सरकार शराब उत्पादन पर नया शुल्क लगाने जैसे राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भरोसा कर रही है।

कल्याणकारी योजनाओं पर बड़ा दांव

तमिलनाडु सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपना पहला बजट पेश कर दिया है। इस बजट में सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, नई सरकार ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का विस्तार करने पर भी जोर दिया है।

बजट में 'अन्नन सीर थित्तम' (Annan Seer Thittam) और 'थाई मामन थंगा मोथीरम थित्तम' (Thai Maaman Thanga Mothiram Thittam) जैसी कई बड़ी सामाजिक योजनाओं का ऐलान किया गया है। 'अन्नन सीर थित्तम' के तहत दुल्हनों को सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी दी जाएगी, जिसके लिए ₹812 करोड़ का आवंटन किया गया है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले नवजात शिशुओं को 1 ग्राम सोने की अंगूठी देने वाली 'थाई मामन थंगा मोथीरम थित्तम' योजना के लिए ₹560 करोड़ रखे गए हैं।

ये योजनाएं सरकार के सामाजिक एजेंडे का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इनसे राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) बढ़ने की उम्मीद है। इन खर्चों को पूरा करने के लिए, सरकार राजस्व संग्रह बढ़ाने की तैयारी में है। शराब उत्पादन पर एक नया शुल्क (Levy) लगाने की योजना है, जिससे लगभग ₹1,000 करोड़ अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।

कर्ज का बोझ और राजस्व की चुनौतियां

राज्य का मौजूदा कर्ज ₹10.43 लाख करोड़ से लेकर ₹13.18 लाख करोड़ के बीच होने का अनुमान है। यह भारी कर्ज सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। केवल ब्याज भुगतान (Interest Burden) के तौर पर हर साल लगभग ₹78,683 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जिससे पूंजी निवेश (Capital Investment) के लिए सरकार के पास सीमित वित्तीय गुंजाइश बचती है।

सरकार ने 'अरिवगम' (Arivagam) - भारत के पहले AI और इनोवेशन सिटी - की घोषणा करके नवाचार (Innovation) पर जोर देने का संकेत दिया है। हालांकि, मौजूदा प्रतिबद्ध खर्चों और कल्याणकारी योजनाओं के भारी बोझ के चलते, सरकार के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम है।

सरकार ने दो साल की वित्तीय सुधार योजना (Financial Recovery Plan) के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए कड़ी व्यय अनुशाासन (Expenditure Discipline) और प्रभावी राजस्व जुटाने (Revenue Mobilization) पर निर्भर रहना होगा। आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य अपने टैक्स संग्रह लक्ष्यों को पूरा कर पाता है या नहीं, खासकर ऐसे समय में जब आर्थिक अनिश्चितताएं वाणिज्यिक कर राजस्व को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशक और अर्थशास्त्री इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या राज्य लंबी अवधि की वृद्धि के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा खर्चों में बड़ी कटौती किए बिना अपने 3% घाटे के लक्ष्य को बनाए रख सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.