महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देते हुए Tamil Nadu सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब बाजार में ₹85 प्रति किलो तक बिकने वाला चावल सरकारी केंद्रों पर मात्र ₹30 में उपलब्ध होगा। राज्य सरकार कुल **25,000 मीट्रिक टन** चावल की आपूर्ति सहकारी और 'अमुधम' (Amudham) स्टोर्स के जरिए करेगी।
बाजार में मची हलचल और सरकार का हस्तक्षेप
खुले बाजार में चावल की कीमतों में बेतहाशा उछाल को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने प्राइस कंट्रोल की रणनीति अपनाई है। फिलहाल मार्केट में चावल ₹75 से ₹85 प्रति किलो तक बिक रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने 201 सहकारी स्टोर्स और 49 अमुधम आउटलेट्स के जरिए सस्ता चावल उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है।
महंगाई की असली वजह
इस संकट के पीछे सप्लाई चेन में आई रुकावटें मुख्य कारण हैं। राज्य अपनी अनाज की जरूरतों के लिए आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक पर निर्भर रहता है। हालांकि, 'एल नीनो' (El Niño) के असर से इन राज्यों में पैदावार प्रभावित हुई है, जिससे सप्लाई गैप बढ़ गया है। इसी का असर रिटेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
अन्य जरूरी चीजों पर भी कैप
चावल के अलावा सरकार ने NAFED के साथ मिलकर अन्य जरूरी चीजों के दाम भी तय कर दिए हैं:
- तुअर दाल: ₹130 प्रति किलो
- उड़द दाल: ₹140 प्रति किलो
- उबला पोन्नी चावल: ₹60 प्रति किलो
- लहसुन: ₹240 प्रति किलो
सख्ती और निगरानी
खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग अपनी 'प्राइस मॉनिटरिंग सेल' के जरिए 67 जरूरी कमोडिटीज पर हर हफ्ते नजर रख रहा है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए भी टीमें जांच कर रही हैं। निवेशकों के नजरिए से देखें, तो सरकार का यह हस्तक्षेप रिटेल और फूड-प्रोसेसिंग कंपनियों के मार्जिन पर असर डाल सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में पैदावार सामान्य होने पर ही इन प्राइस कैप्स की जरूरत खत्म होगी, तब तक यह स्थिति महंगाई को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
