तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay 10 से 16 सितंबर 2026 तक यूके (UK) के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-यूके ट्रेड पैक्ट का फायदा उठाकर राज्य में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और बड़े निवेश हासिल करना है।
ट्रेड पैक्ट से निवेश को रफ्तार
मुख्यमंत्री की इस एक हफ्ते की यात्रा का मुख्य केंद्र 15 जुलाई 2026 को लागू हुआ 'इंडिया-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट' (CETA) है। इस समझौते के तहत भारत से यूके जाने वाले लगभग 99% सामानों पर ड्यूटी खत्म हो गई है। सरकार ऑटोमोटिव और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश लाने के लिए इन टैरिफ में मिली छूट को अपना सबसे बड़ा प्लस पॉइंट मान रही है।
क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा की चुनौती
दक्षिण भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दौड़ में तमिलनाडु को आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से कड़ी टक्कर मिल रही है। मई 2026 में सत्ता संभालने वाली तमिलनाडु वेट्री कड़गम (TVK) सरकार के लिए यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है। जनता के बीच अपनी साख और रोजगार के वादों को पूरा करने के लिए, इस विदेश यात्रा को एमओयू (MoU) और फैक्ट्री इन्वेस्टमेंट में बदलना सरकार के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
डायवर्सिफाइड इन्वेस्टमेंट रणनीति
राज्य सरकार सिर्फ यूके तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी औद्योगिक पहुंच को और विस्तार दे रही है। इसी कड़ी में मंत्री कीर्तना के नेतृत्व में एक डेलिगेशन 4 सितंबर 2026 से ताइवान में होने वाली 'सेमीकॉन' (Semicon) कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेगा। यह रणनीति तमिलनाडु को न केवल पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग, बल्कि सेमीकंडक्टर और एआई (AI) जैसे हाई-एंड टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी एक लीडर के रूप में स्थापित करने की है।
निवेशकों के लिए इन रोडशोज से आने वाले नतीजे और वास्तविक कैपिटल इनफ्लो पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
