ताइवान सरकार ने बड़ा ऐलान किया है! 2027 में हर नागरिक को **10,000** ताइवान डॉलर (लगभग **₹25,000**) कैश दिए जाएंगे। यह **235.7 अरब** ताइवान डॉलर (लगभग **$7.4 अरब**) का 'AI डिविडेंड' AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर से हुई रिकॉर्ड टैक्स कमाई से आएगा।
AI का जलवा, सरकार की तिजोरी भरी!
ताइवान सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 2027 में, देश के हर नागरिक की जेब में 10,000 ताइवान डॉलर (TWD) आएंगे, जो करीब ₹25,000 भारतीय रुपये के बराबर है। इस पूरी योजना पर 235.7 अरब TWD (लगभग $7.4 अरब) खर्च होंगे। सरकार का कहना है कि यह पैसा AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर से हुई बंपर कमाई से आएगा, जिससे देश का खजाना मालामाल हो गया है।
ताइवान की इकॉनमी ने तोड़े रिकॉर्ड!
AI और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग की ग्लोबल डिमांड के चलते ताइवान की इकॉनमी रॉकेट की तरह भाग रही है। सरकार ने 2026 के लिए अपनी ग्रोथ का अनुमान 11.05% तक बढ़ा दिया है, जो पिछले 39 सालों का सबसे बड़ा उछाल है। 2026 के पहले छह महीनों में ही इकॉनमी 14.15% की रफ़्तार से बढ़ी है। इस जबरदस्त आर्थिक ग्रोथ से सरकार को इतना रेवेन्यू मिला है कि उसे नया कर्ज़ लेने या मौजूदा कर्ज़ बढ़ाने की ज़रूरत नहीं पड़ रही।
क्या आसान होगी राह?
हालांकि, यह 'AI डिविडेंड' अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है। इसे कानून बनने के लिए लेजिस्लेटिव युआन (संसद) से पास होना होगा। विपक्षी पार्टियां, जैसे कुओमिंतांग (KMT), इस कदम को 'लोकलुभावन' बता रही हैं और कह रही हैं कि यह आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। अतीत में भी ऐसे बजट प्रस्तावों को लेकर संसद में काफी बहस हुई है, इसलिए यह देखना होगा कि यह बिल आसानी से पास हो पाता है या नहीं।
इकॉनमी में असमानता का मुद्दा
इस बड़े ऐलान के बीच, इकॉनमी की एक और तस्वीर भी सामने आ रही है। जहां टेक और सेमीकंडक्टर सेक्टर AI की वजह से खूब फल-फूल रहे हैं, वहीं कई पारंपरिक उद्योग, छोटे बिज़नेस और सर्विस सेक्टर पिछड़ते दिख रहे हैं। राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने भी माना है कि यह ग्रोथ सबके लिए बराबर नहीं है। आलोचकों का कहना है कि यह पैसा लोगों के खर्चों में थोड़ी मदद तो करेगा, लेकिन इकॉनमी के इन दो हिस्सों के बीच की खाई को पाटने में शायद नाकाम रहे।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर
यह पूरा मामला दिखाता है कि दुनिया कितनी हद तक ताइवान की टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। चिप मैन्युफैक्चरिंग में ताइवान की बादशाहत ही इस 'AI डिविडेंड' का रास्ता खोल रही है। अब सबकी नज़रें 2027 के बजट पर टिकी हैं, जिसमें डिफेंस पर भी 1 ट्रिलियन TWD से ज़्यादा खर्च का प्रस्ताव है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस तरह के लोकलुभावन वादों और लंबी अवधि की ज़रूरतों के बीच कैसे संतुलन बनाती है।
