Tamil Nadu ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए **$72 बिलियन** का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट टारगेट रखा है, जो पिछले साल के **$59 बिलियन** से काफी अधिक है। राज्य सरकार हर जिले के लिए अलग लक्ष्य और नई टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए इस आंकड़े को हासिल करना चाहती है।
डिस्ट्रिक्ट-लेवल पर जोर
तमिलनाडु सरकार ने अपनी एक्सपोर्ट रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य सरकार एक ही सेंट्रलाइज्ड पॉलिसी के बजाय हर जिले के लिए अलग से एक्सपोर्ट टारगेट तय कर रही है। इसमें कांचीपुरम (Kancheepuram) को एक मुख्य एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है, ताकि वहां के मौजूदा इंडस्ट्रियल आधार का पूरा लाभ उठाया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर और MSME का सपोर्ट
लोकल एक्सपोर्टर्स के सामने आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार राज्य भर में टेस्टिंग सुविधाओं को अपग्रेड कर रही है। अक्सर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को इंटरनेशनल क्वालिटी स्टैंडर्ड्स और ट्रेड रिक्वायरमेंट्स के कारण एक्सपोर्ट करने में मुश्किल होती है। इसे सुलझाने के लिए एक डेडिकेटेड 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फैसिलिटेशन सेल' बनाया जा रहा है। यह सेल लोकल आर्टिसन्स और छोटे व्यापारियों को ट्रेड पैक्ट्स का फायदा उठाने में मदद करेगा, जिससे विदेश में व्यापार करना आसान और सस्ता होगा।
मार्केट के लिए संकेत
इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि तमिलनाडु अपनी इकोनॉमी को और ज्यादा ब्रॉड-बेस्ड बना रहा है। राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, लेदर और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जाना जाता है, लेकिन अब फोकस उन इलाकों पर है जिनका ट्रेड में योगदान कम रहा है। हालांकि, $72 बिलियन का लक्ष्य काफी महत्वाकांक्षी है। इसका पूरा दारोमदार अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में मांग, शिपिंग कॉस्ट और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल स्टेबिलिटी पर टिका है। ग्लोबल डिमांड में नरमी आती है, तो इस लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
