तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए एक बड़ी आर्थिक पहल की है। उन्होंने **26,000** सदस्यों को बैंक-लिंक्ड क्रेडिट के जरिए **₹3,000 करोड़** की राशि जारी की है, जिससे स्थानीय कारोबारों को एक नई रफ्तार मिलेगी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए एक बड़े वित्तीय कदम की शुरुआत की है। 3 नवंबर, 2026 को इरोड (Erode) जिले के पेरनदुराई में आयोजित एक कार्यक्रम में ₹3,000 करोड़ का बैंक-लिंक्ड क्रेडिट जारी किया गया। इस फंड से 26,000 महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को सीधे लाभ होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे समूहों के कामों को प्रोफेशनल बिजनेस मॉडल्स में बदलना है।
मैन्युफैक्चरिंग और क्राफ्ट में आएगा निखार
सरकार का फोकस अब इन समूहों को सिर्फ गुजारा करने वाले काम से ऊपर उठाकर स्केलेबल बिजनेस बनाने पर है। इसमें एग्रो-प्रोसेसिंग, जैसे कि बाजरे के स्नैक्स और डेयरी उत्पादों के अलावा पारंपरिक हस्तशिल्प शामिल हैं। बांस, बनाना फाइबर और नीलगिरी की खास कढ़ाई जैसे उत्पादों को आधुनिक मार्केट में उतारने की तैयारी है।
आर्थिक रणनीति और चुनौतियां
सरकार ने ईरोड जिले पर खास जोर दिया है, जहां 9,000 से ज्यादा सदस्यों को ₹1,110 करोड़ की सहायता मिली है। योजना का लक्ष्य इन समूहों को स्ट्रक्चर्ड एंटरप्राइज बनाना है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि इन छोटे यूनिट्स के लिए बड़ी चुनौती अपने बिजनेस को स्केल करना और मार्केट में डिमांड बनाए रखना होगी। इसके अलावा, इन समूहों को रिटेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जोड़ने की कड़ी भी अहम होगी, ताकि उन्हें अपने माल का सही दाम मिल सके और वे लिए गए लोन की समय पर अदायगी कर सकें।
