तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश के CM N. Chandrababu Naidu से मुलाकात की है। चेन्नई के लिए जरूरी कृष्णा नदी के पानी की कमी को लेकर यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब तक आवंटित **12 TMC** के मुकाबले केवल **2.251 TMC** पानी ही मिल पाया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu के बीच मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को विजयवाड़ा में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इस द्विपक्षीय बातचीत का मुख्य केंद्र चेन्नई के लिए कृष्णा नदी से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा, जो वहां की शहरी और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जीवनरेखा है।
पानी के बंटवारे का मुद्दा
यह चर्चा 1983 में हुए 'तेलुगु गंगा प्रोजेक्ट' (Telugu Ganga Project) के इर्द-गिर्द घूमती है। इस समझौते के तहत आंध्र प्रदेश को चेन्नई की जरूरतों के लिए तमिलनाडु को सालाना 12 TMC पानी देना अनिवार्य है। लेकिन, 9 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु को अब तक मात्र 2.251 TMC पानी ही प्राप्त हुआ है। पानी की इस भारी कमी ने कांडेरू (Kandaleru) जलाशय के जलस्तर पर दबाव बढ़ा दिया है, जो चेन्नई के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है।
आर्थिक असर और भविष्य की योजनाएं
चेन्नई के निवासियों और उद्योगों के लिए पानी की निरंतर आपूर्ति एक महत्वपूर्ण आर्थिक कारक है। पानी की कमी का सीधा असर शहरी नियोजन और कंपनियों के कामकाज पर पड़ता है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आने वाले सीजन से पहले इस अंतर को पाटने के लिए पानी की रिलीज को तेज करना है।
बैठक में सिर्फ तात्कालिक संकट ही नहीं, बल्कि 'गोदावरी-कृष्णा-कावेरी' (Godavari-Krishna-Cauvery) रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट जैसे दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों पर भी चर्चा की गई। भविष्य में पानी की सुरक्षा का पूरा दारोमदार कांडेरू जलाशय से पानी छोड़े जाने के नए शेड्यूल और दोनों राज्यों के बीच बने आपसी तालमेल पर टिका है।
