तमिलनाडु की सरकारी शराब कंपनी TASMAC ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹50,845 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर **5%** की बढ़त है। कंपनी अब डिजिटल पेमेंट और **717** रिटेल आउटलेट्स को बंद करने जैसे बड़े बदलावों की ओर बढ़ रही है।
सरकारी खजाने के लिए अहम माने जाने वाले तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (TASMAC) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार कमाई की है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में वैट (VAT) का योगदान ₹39,010 करोड़ रहा, जबकि एक्साइज ड्यूटी से ₹11,836 करोड़ की कमाई हुई।
डिजिटल युग में प्रवेश
सरकार अब सप्लाई चेन में पारदर्शिता लाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। सितंबर 2026 से कंपनी अपने पूरे रिटेल नेटवर्क में हैंडहेल्ड डिजिटल सिस्टम और ऑनलाइन प्री-बुकिंग पोर्टल शुरू कर रही है। इससे बिलिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट में होने वाली गलतियों पर लगाम लगेगी।
बढ़ता खर्च और सामाजिक जिम्मेदारी
कंपनी का खर्च भी बढ़ा है। हालिया वेज रिवीजन (Wage Revision) के कारण सैलरी बिल में ₹486.9 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। साथ ही, सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास स्थित 717 शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, नशा मुक्ति और जन जागरूकता अभियानों के लिए सरकार ने ₹70 करोड़ का फंड भी अलॉट किया है।
हालांकि TASMAC स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसके ये फैसले शराब उद्योग से जुड़ी कंपनियों और सप्लायर्स के लिए बेहद मायने रखते हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि डिजिटल सिस्टम एमआरपी (MRP) नियमों को लागू करने में कितने सफल होते हैं।
