Swiggy Instamart अब अपनी पहचान अलग बनाने के लिए 'Switch to Better' पहल के जरिए एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को इन्वेंटरी-लेड (inventory-led) बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि मार्केट में कड़ी टक्कर दे सके।
नई स्ट्रैटेजी और एक्सक्लूसिव रेंज
क्विक-कॉमर्स के बढ़ते बाजार में खुद को अलग दिखाने के लिए Swiggy ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी अपनी 'Switch to Better' पहल के तहत 400 से ज्यादा पार्टनर ब्रांड्स के साथ जुड़कर अनोखे प्रोडक्ट्स और कस्टम पैक साइज पेश कर रही है। इसका मुख्य मकसद केवल डिलीवरी स्पीड और डिस्काउंट की होड़ से निकलकर एक अलग ब्रांड वैल्यू बनाना है।
इन्वेंटरी-लेड मॉडल की ओर बढ़ते कदम
कंपनी अब अपने बिजनेस को इन्वेंटरी-लेड मॉडल पर शिफ्ट कर रही है, ताकि मार्जिन में सुधार हो सके। यह वही तरीका है जिसे मार्केट लीडर Blinkit भी अपनाता है। हालिया नतीजों में, Swiggy Instamart ने कंट्रीब्यूशन मार्जिन ब्रेक-ईवन तक का सफर तय कर लिया है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,812 करोड़ रहा, जबकि नेट लॉस ₹791 करोड़ दर्ज किया गया।
बढ़ती चुनौती और निवेशकों की चिंता
मार्केट में Blinkit और Zepto के अलावा Flipkart Minutes से भी कड़ी टक्कर मिल रही है। Flipkart ने डार्क स्टोर्स के मामले में Swiggy को कई शहरों में पीछे छोड़ दिया है। नवंबर 2024 में ₹390 पर लिस्ट होने के बाद, Swiggy का शेयर अब ₹280 से ₹290 के दायरे में ट्रेड कर रहा है।
इन्वेंटरी पर नियंत्रण के साथ ही वेंडर्स और मर्चेंट्स के साथ बढ़ते विवाद कंपनी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य 2031 फाइनेंशियल ईयर तक EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना है, जिसके लिए उन्हें अपने घाटे को तेजी से कम करना होगा।
