NHAI पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: अब हाईवे पर होगी 'ई-निगरानी', इंफ्रा कंपनियों पर बढ़ेगा खर्च का दबाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NHAI पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: अब हाईवे पर होगी 'ई-निगरानी', इंफ्रा कंपनियों पर बढ़ेगा खर्च का दबाव

सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को नेशनल हाईवे पर अवैध पार्किंग रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस लगाने का सख्त निर्देश दिया है। यह कदम एक जानलेवा सड़क दुर्घटना के बाद उठाया गया है, जिसका असर भविष्य में इंफ्रा सेक्टर के लिए अनुपालन और तकनीकी खर्च में बढ़ोतरी के रूप में दिख सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे पर अवैध पार्किंग पर नकेल कसने के लिए NHAI को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम लगाने का आदेश दिया है। 6 अक्टूबर, 2026 को हुई सुनवाई में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने साफ कहा कि अब मैन्युअल पेट्रोलिंग से काम नहीं चलेगा, क्योंकि हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

आदेश के पीछे की वजह

यह फैसला नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी में हुई एक भयावह सड़क दुर्घटना के बाद लिया गया है, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। कोर्ट ने चिंता जताई कि भले ही नेशनल हाईवे देश के कुल रोड नेटवर्क का केवल 2% हैं, लेकिन कुल सड़क हादसों में इनकी हिस्सेदारी 30% है। अब तकनीक के जरिए हाईवे पर खड़े वाहनों की रियल-टाइम पहचान की जाएगी।

इंफ्रा सेक्टर पर क्या होगा असर?

NHAI एक सरकारी बॉडी है, लेकिन इसका सीधा असर हाईवे ऑपरेशंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) से जुड़ी कंपनियों पर पड़ेगा। इस निर्देश के बाद कंपनियों को अपने हाईवे प्रोजेक्ट्स में एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) और सर्विलांस टूल्स लगाने की गति बढ़ानी होगी।

निवेशकों के लिए संकेत

इस सख्ती का मतलब यह है कि हाईवे ऑपरेशंस में अब सेफ्टी नॉम्स का पालन न करना कंपनियों के लिए महंगा साबित होगा। हाईवे के किनारे बने अनधिकृत ढाबों और अतिक्रमण को हटाना भी अब ऑपरेटरों की प्राथमिकता होगी। आने वाले समय में NHAI के नए टेंडर में तकनीक और सुरक्षा उपकरणों से जुड़े स्पेसिफिकेशन्स की भरमार हो सकती है। अब देखना यह होगा कि इस सुरक्षा अपग्रेड का खर्च कौन उठाएगा—क्या यह प्रोजेक्ट की शर्तों में बदलाव के जरिए कवर होगा या ऑपरेटरों पर इसका बोझ पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर, 2026 को होगी।

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