Bharti Enterprises के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने भारत और अमेरिका के बीच एक औपचारिक ट्रेड फ्रेमवर्क की मांग की है। उनका मानना है कि नीतिगत स्पष्टता से निवेश का माहौल बेहतर होगा, जो कंपनी के टेलिकॉम और सैटेलाइट बिजनेस के विस्तार के लिए अहम है।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में सुनील भारती मित्तल ने कहा कि लंबे समय के लिए ग्लोबल कैपिटल को आकर्षित करने के लिए पॉलिसी का स्थिर होना सबसे जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि भारत ने यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट तो किए हैं, लेकिन अमेरिका के साथ संबंधों में टैरिफ और जियो-पॉलिटिकल तनाव की वजह से अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।
निवेशक क्यों दें ध्यान?
निवेशकों की नजर में यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि इसका सीधा असर ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Bharti Airtel पर पड़ेगा। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ₹58,539 करोड़ का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि नेट प्रॉफिट ₹8,167 करोड़ रहा है। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 1.17x है, जो इसकी बैलेंस शीट की मजबूती दिखाता है।
बदलता बाजार और चुनौतियां
टेलिकॉम सेक्टर में अब Starlink जैसे प्लेयर्स की एंट्री से मुकाबला कड़ा हो गया है। 14 अक्टूबर, 2026 के आसपास शेयर ₹1,809 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। एक्सपर्ट्स कंपनी के डेट मैनेजमेंट पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। साथ ही, डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशंस (DoT) द्वारा सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन को लेकर की गई हालिया सख्ती ने ऑपरेशनल रिस्क की ओर भी ध्यान खींचा है।
भविष्य में कंपनी के लिए सैटेलाइट कवरेज के लिए जरूरी सिक्योरिटी क्लीयरेंस हासिल करना और बढ़ती डेटा डिमांड के बीच मार्जिन को बरकरार रखना प्रमुख मील के पत्थर होंगे।
