स्पेन सरकार ने हाउसिंग संकट को देखते हुए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। सरकार **2028** तक इन्वेस्टमेंट फंड्स द्वारा प्रॉपर्टी की सट्टा खरीद (speculative acquisition) पर बैन लगाने की योजना बना रही है।
स्पेन में बढ़ती महंगाई और आम जनता के भारी विरोध के बीच, सरकार ने हाउसिंग सेक्टर में आपातकालीन सुधारों की घोषणा की है। इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य घरों की कीमतों में हो रही तेज बढ़ोतरी को रोकना है। सरकार ने इसके तहत कमजोर वर्गों के लिए बेदखली (eviction) से सुरक्षा को 2030 तक बढ़ाने का फैसला किया है, साथ ही सीजनल रेंटल पर भी कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Investor Alert)
प्रॉपर्टी मार्केट में पैसा लगाने वाले बड़े इन्वेस्टर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता 2028 तक लगने वाला बैन है। सरकार चाहती है कि बड़े फंड्स केवल मुनाफा कमाने के लिए तेजी से प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त न करें, जिसे आम लोग घरों की बढ़ती कीमतों का मुख्य कारण मानते हैं। फिलहाल, निवेशकों के बीच इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि किन फंड्स को इस दायरे में रखा जाएगा और उन पर किस तरह के टैक्स लगेंगे।
राजनीतिक चुनौती (Political Hurdle)
प्रधानमंत्री Pedro Sánchez के लिए इन कानूनों को पास कराना आसान नहीं होगा। उनकी सरकार के पास संसद की 350 सीटों में से केवल 152 सीटें हैं। इस डिक्री को पास करने के लिए उन्हें छोटी पार्टियों का समर्थन जुटाना होगा। शुक्रवार को होने वाली विशेष संसदीय सत्र पर पूरे मार्केट की नजर है। विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई में इसी तरह के प्रस्ताव के फेल होने के बाद, इस बार भी रिजेक्शन या बदलाव का बड़ा जोखिम बना हुआ है।
फिलहाल, मार्केट की नजरें इस बिल के फाइनल ड्राफ्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इसका रियल एस्टेट डेवलपर्स और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स पर कितना असर पड़ेगा।
