साउथ कोरिया का बड़ा दांव: चिप टैक्स से बनेंगे $72 बिलियन, AI और युवाओं के लिए बनेगा "फ्यूचर रिस्पॉन्स फंड"

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
साउथ कोरिया का बड़ा दांव: चिप टैक्स से बनेंगे $72 बिलियन, AI और युवाओं के लिए बनेगा "फ्यूचर रिस्पॉन्स फंड"

साउथ कोरिया **100 ट्रिलियन वॉन** (लगभग **$72 बिलियन**) का एक खास "फ्यूचर रिस्पॉन्स फंड" बनाने जा रहा है। यह पैसा सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से मिले सरप्लस टैक्स रेवेन्यू से आएगा। इस फंड का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश करना और युवा पीढ़ी को रोज़गार व घर जैसी ज़रूरी मदद देना है। सरकार अगले महीने अपने **2027** के बजट प्रस्ताव के साथ इस फंड के लिए कानून पेश करेगी।

AI और युवा पीढ़ी पर फोकस

दक्षिण कोरिया की सरकार ने एक बड़ी पहल की है – "फ्यूचर रिस्पॉन्स फंड"। यह फंड देश की तेज़ी से बढ़ती सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से होने वाली अतिरिक्त टैक्स कमाई का इस्तेमाल करेगा। इस फंड का साइज़ 100 ट्रिलियन वॉन यानी करीब $72 बिलियन डॉलर तक हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य दो तरह की चुनौतियों से निपटना है।

सबसे पहले, यह फंड भविष्य की ग्रोथ वाले सेक्टर्स, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी में पैसा लगाएगा। इससे सरकार का लक्ष्य ग्लोबल टेक रेस में साउथ कोरिया की बढ़त बनाए रखना है। दूसरे, यह फंड युवा पीढ़ी के लिए सामाजिक योजनाओं को सहारा देगा। इसमें घर, रोज़गार और परिवार शुरू करने जैसी ज़रूरी मदद शामिल है। उम्मीद है कि इससे देश की लगातार गिरती जन्म दर और बढ़ती युवा बेरोज़गारी (जो जुलाई 2026 में 6.8% थी) जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी।

सेमीकंडक्टर टैक्स का बड़ा रोल

इस फंड का पैसों का जरिया सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हाइनिक्स (SK Hynix) जैसी ग्लोबल सेमीकंडक्टर कंपनियों से मिलने वाला कॉर्पोरेट टैक्स है। AI चिप्स की बढ़ती डिमांड के चलते ये कंपनियां भारी मुनाफ़ा कमा रही हैं, जिससे टैक्स कलेक्शन में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। सरकार का प्लान है कि लंबे समय की ग्रोथ के अनुमान से ज़्यादा जो भी टैक्स आएगा, उसे इस फंड में जमा किया जाएगा। यह एक तरह का फाइनेंशियल बफर (fiscal buffer) तैयार करेगा, जिसे आर्थिक मंदी के समय इस्तेमाल किया जा सकेगा।

फिस्कल और इकोनॉमिक रिस्क?

हालांकि, यह प्लान लंबे समय की प्रॉस्पेरिटी (prosperity) के लिए बनाया गया है, लेकिन एनालिस्ट्स और आलोचक इस पर सवाल उठा रहे हैं। एक बड़ी चिंता यह है कि बड़े पैमाने पर सरकारी खर्च से महंगाई बढ़ सकती है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स से हुई अतिरिक्त कमाई का इस्तेमाल पहले नेशनल डेट (national debt) कम करने में होना चाहिए, न कि नई खर्च योजनाओं पर। फंड के गवर्नेंस (governance) को लेकर भी बहस है। आलोचकों का कहना है कि अगर सख्त कंट्रोल नहीं रहा, तो यह पैसा गलत हाथों में पड़ सकता है या ठीक से इस्तेमाल न होकर बर्बाद हो सकता है। कुछ इकोनॉमिस्ट्स ने यह भी चेतावनी दी है कि बाज़ार में अतिरिक्त लिक्विडिटी (liquidity) आने से प्रॉपर्टी जैसे एसेट प्राइसेज़ (asset prices) में बढ़ोतरी हो सकती है।

सरकार अगले महीने अपने 2027 के बजट प्रस्ताव के साथ इस फंड को स्थापित करने के लिए ज़रूरी कानून पेश करने की तैयारी कर रही है। यह कानून कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता से पास होता है, यह निवेशकों के लिए साउथ कोरिया की फिस्कल हेल्थ (fiscal health) पर नज़र रखने का एक अहम पैमाना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.