वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तीन दिवसीय सिंगापुर दौरे पर हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म विदेशी निवेश को आकर्षित करना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर, 2026 तक सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाना है। सरकार का लक्ष्य सॉवरेन वेल्थ फंड्स और ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्मों को भारत के विकास की कहानी में शामिल करना है।\n\n### GIFT City और NIIF पर फोकस\n\nभारत सरकार ने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और गिफ्ट इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (GIFT IFSC) को ग्लोबल निवेशकों के लिए प्रमुख गेटवे के रूप में पेश किया है। अब तक सिंगापुर से भारत में कुल $194.68 बिलियन का FDI आ चुका है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा निवेश भागीदार बनाता है।\n\n### किन सेक्टरों में होगा निवेश?\n\nवित्त मंत्री ने GIC, Temasek, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक जैसे दिग्गज संस्थानों के साथ बैठक की। इनमें मुख्य रूप से:\n\n* सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग\n* रिन्यूएबल एनर्जी\n* इलेक्ट्रिक मोबिलिटी\n* डिजिटल फाइनेंशियल कनेक्टिविटी\n\nइन क्षेत्रों में 'ब्लेंडेड फाइनेंस' मॉडल अपनाए जाने पर चर्चा हुई, जिससे प्रोजेक्ट्स के जोखिम को कम किया जा सके। हालांकि, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और ऊर्जा संकट जैसे बाहरी जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जिन पर निवेशकों की बारीक नजर रहेगी।
