Shaktikanta Das: भारत की मजबूती सुधारों का परिणाम, न कि किस्मत का खेल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Shaktikanta Das: भारत की मजबूती सुधारों का परिणाम, न कि किस्मत का खेल

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने साफ कर दिया है कि भारत की आर्थिक स्थिरता महज संयोग नहीं, बल्कि पिछले एक दशक में किए गए ठोस और लंबी अवधि के सुधारों का नतीजा है।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 'कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव' में इस बात पर जोर दिया कि भारत की आज की आर्थिक स्थिति किसी वैश्विक हालात का बाय-प्रोडक्ट नहीं, बल्कि रणनीतिक फैसलों का परिणाम है।

विकास की ठोस नींव

गवर्नर के मुताबिक, पहली तिमाही में दर्ज की गई 7.8% की वास्तविक GDP ग्रोथ के पीछे स्पष्ट पॉलिसी बदलाव हैं। GST सिस्टम का सफल कार्यान्वयन, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और फिस्कल अनुशासन पर निरंतर जोर देने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था आज सिस्टमैटिक रिस्क से बचने में सक्षम है। ये सुधार वैश्विक अनिश्चितता के दौर से काफी पहले किए गए थे।

वैश्विक अर्थव्यवस्था से तुलना

निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि भारत बाकी विकसित देशों से अलग क्यों है। दास ने बताया कि जहां कई एडवांस्ड इकोनॉमीज का कर्ज औसत 110% GDP तक पहुंच चुका है और वे कड़े ब्याज दरों के माहौल में संघर्ष कर रही हैं, वहीं भारत ने अपना अलग रास्ता बनाया है। हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और एनर्जी प्राइस में उतार-चढ़ाव एक चुनौती जरूर हैं, लेकिन भारत की स्थिर गवर्नेंस इसे बाहरी झटकों से बचाने का काम कर रही है।

आगे का रास्ता

बाजार के जानकारों के लिए यह बयान संकेत है कि भारत लंबी अवधि के स्ट्रक्चरल सस्टेनेबिलिटी पर फोकस कर रहा है। भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत किस तरह फिस्कल प्रूडेंस को बनाए रखता है और घरेलू मांग को मजबूती देते हुए वैश्विक दबावों को संभालता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.