Google के सह-संस्थापक Sergey Brin कैलिफोर्निया के प्रस्तावित Proposition 40 के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उन्होंने इस बिल के विरोध में **$100 मिलियन** से ज़्यादा की रकम खर्च करने का ऐलान किया है। यह कानून उन निवासियों पर **5%** का एकमुश्त वेल्थ टैक्स (wealth tax) लगाने की बात करता है जिनकी नेट वर्थ **$1 बिलियन** से ज़्यादा है।
Proposition 40: क्या है ये टैक्स?
कैलिफोर्निया में इस साल नवंबर में एक नए प्रस्ताव, Proposition 40, पर वोटिंग होनी है। इस प्रस्ताव के तहत, राज्य के उन निवासियों पर 5% का एकमुश्त वेल्थ टैक्स लगाया जाएगा जिनकी संपत्ति $1 बिलियन से ज़्यादा है। इस टैक्स से होने वाली आय को राज्य के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इस्तेमाल करने की योजना है।
अरबपतियों का विरोध और 'इकोनॉमिक एग्ज़ोडस'
Sergey Brin, जिनकी नेट वर्थ करीब $267 बिलियन आंकी गई है, इस टैक्स से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उन्होंने इस प्रस्ताव के विरोध में खड़े संगठनों को $100 मिलियन से ज़्यादा की आर्थिक मदद दी है।
यह मामला कैलिफोर्निया से अमीर लोगों और कंपनियों के दूसरे राज्यों में जाने के बढ़ते चलन पर भी रोशनी डालता है। Meta के Mark Zuckerberg, Peter Thiel और Google के ही Larry Page जैसे कई बड़े नाम अपनी टैक्स देनदारी कम करने के लिए फ्लोरिडा और टेक्सास जैसे राज्यों में जा चुके हैं। इससे कैलिफोर्निया के अधिकारियों के बीच टैक्स रेवेन्यू में संभावित कमी और राज्य की अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कैलिफोर्निया के गवर्नर Gavin Newsom ने भी इस तरह के राज्य-स्तरीय टैक्स को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि यह बड़े अमीरों को राज्य से बाहर धकेल सकता है और आर्थिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। उन्होंने ऐसे वेल्थ टैक्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समाधान की वकालत की है।
अलग-अलग राय
हालांकि, सभी टेक लीडर इस विरोध में Sergey Brin के साथ नहीं हैं। Nvidia के सह-संस्थापक Jensen Huang ने कहा है कि वह टैक्स देने में सहज हैं और सिलिकॉन वैली जैसे क्षेत्र में रहने के साथ यह स्वीकार करना पड़ता है।
जैसे-जैसे नवंबर की वोटिंग नज़दीक आ रही है, यह लड़ाई सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं है। Sergey Brin के फंड से ऐसे वैकल्पिक प्रस्तावों को भी समर्थन मिल रहा है जो भविष्य में इस तरह के टैक्स को लागू होने से रोक सकते हैं।
